Bangladeshi Barge Accident: मुड़ीगंगा सागर, दक्षिण 24 परगना में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर चल रहा एक बांग्लादेशी मालवाहक बार्ज अचानक मुड़ीगंगा नदी में डूबने लगा। इस घटना में बार्ज पर मौजूद सभी 11 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन नदी में प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है।
भाटे के दबाव से बार्ज में पड़ी दरार
हादसा सागर ब्लॉक के घोड़ा मारा इलाके के पास हुआ। डूबे हुए बार्ज का नाम ‘एमवी तामजीद नासिर’ बताया गया है। जानकारी के मुताबिक, ज्वार-भाटे के समय जब यह बार्ज मुड़ीगंगा नदी से गुजर रहा था, तभी उसके बीच वाले हिस्से में अचानक दरार पड़ गई। दरार पड़ते ही बार्ज के अंदर तेजी से पानी भरने लगा और वह धीरे-धीरे नदी में समाने लगा।

Bangladeshi Barge Accident: फ्लाई ऐश से जल प्रदूषण का खतरा
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह बार्ज कोलकाता के पास बजबज इलाके से फ्लाई ऐश यानी राख लेकर बांग्लादेश जा रहा था। शाम के समय भाटे के दबाव के कारण बार्ज का संतुलन बिगड़ गया और उसका मध्य भाग टूट गया। स्थिति गंभीर होती देख बार्ज पर मौजूद नाविकों ने शोर मचाकर मदद मांगी।
सूचना मिलते ही स्थानीय मछुआरे तुरंत मौके पर पहुंचे। साथ ही सागर थाना पुलिस और प्रशासन की टीम भी वहां पहुंच गई। सभी ने मिलकर डूबते हुए बार्ज से 10 बांग्लादेशी नाविकों और एक भारतीय कर्मचारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।

डूबे बार्ज से राख निकालने का काम जारी
बचाए गए सभी लोगों को बाद में पास में मौजूद एक अन्य बांग्लादेशी बार्ज ‘एमवी नासिरउद्दीन’ में स्थानांतरित कर दिया गया। फिलहाल सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
हालांकि इस हादसे के बाद मुड़ीगंगा नदी में जल प्रदूषण को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। बार्ज में भारी मात्रा में फ्लाई ऐश लदी हुई थी। आशंका है कि बार्ज के डूबने से बड़ी मात्रा में राख नदी के पानी में मिल गई है, जिससे स्थानीय पर्यावरण और जलीय जीवों को नुकसान पहुंच सकता है।

अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग की सुरक्षा पर सवाल
सूत्रों के मुताबिक, संबंधित एजेंट की ओर से मजदूरों को लगाकर डूबे हुए बार्ज से फ्लाई ऐश निकालने का काम शुरू कर दिया गया है। लेकिन ज्वार-भाटे के कारण माना जा रहा है कि काफी मात्रा में राख पहले ही नदी में फैल चुकी है।
सागर थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बार्ज में दरार तकनीकी खराबी की वजह से आई या इसके पीछे कोई और कारण था। चूंकि यह भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है, इसलिए इस घटना ने बार्ज संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Report By: Pijush







