Bengal Assembly Election: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच नंदीग्राम रेल परियोजना एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गई है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य में 5 नई रेल लाइन परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के एक पत्र का हवाला देते हुए दावा किया है कि उनकी लगातार पहल और निगरानी के चलते ही इन परियोजनाओं को रेलवे मंत्रालय से स्वीकृति मिली है।
इन 5 नई रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी
शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, जिन रेल लाइन परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है, उनमें शामिल हैं—
कांथी – एगरा नई रेल लाइन
नंदकुमार – बलाइपांडा नई रेल लाइन
नंदीग्राम – केंदेमारी (नयाचर) नई रेल लाइन
बांकुड़ा (कलाबती) – पुरुलिया (हुड़ा होकर) नई रेल लाइन
बोयाइचंडी – आरामबाग और बोयाइचंडी – खाना नई रेल लाइन
Bengal Assembly Election: शुभेंदु अधिकारी का दावा
अपने फेसबुक पोस्ट में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से दक्षिण बंगाल की परिवहन व्यवस्था, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने इस स्वीकृति के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बंगाल के विकास के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।
नंदीग्राम को लेकर राजनीतिक दांव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले नंदीग्राम की भावनात्मक और राजनीतिक अहमियत को देखते हुए यह कदम बड़ा राजनीतिक संदेश देता है। नंदीग्राम वही सीट है, जहां से शुभेंदु अधिकारी ने 2021 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था।
Bengal Assembly Election: भूमि अधिग्रहण पर सवाल
वहीं सत्तारूढ़ दल और नवान्न (राज्य सचिवालय) केंद्र सरकार पर राज्य की उपेक्षा का आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि रेल परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने में राज्य सरकार कितनी सहयोगी होगी। विपक्ष का आरोप है कि ये घोषणाएं चुनावी माहौल में सिर्फ राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश हैं।
REPORT BY – PIJUSH
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