bengal controversy: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को बचाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों को चुराया। उन्होंने इसे संविधान और कानून व्यवस्था के खिलाफ बताया।
‘ईडी के कागज चुराने वाली पहली मुख्यमंत्री’
बेगूसराय में मीडिया से बातचीत करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि यह देश में पहली बार देखा गया है जब किसी मुख्यमंत्री ने जांच एजेंसी द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों को उठाने का काम किया हो। उन्होंने सवाल किया कि आई-पैक का कार्यालय क्या तृणमूल कांग्रेस का दफ्तर था, जहां मुख्यमंत्री खुद पहुंच गईं।
bengal controversy: अभिषेक बनर्जी को फंसने का डर था
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को डर था कि यदि ईडी के हाथ कोई अहम दस्तावेज लग गया तो अभिषेक बनर्जी कानूनी शिकंजे में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसी डर के चलते ममता बनर्जी वहां पहुंचीं और कागजात हटवाए गए।
‘बंगाल को घुसपैठियों के हवाले कर रही हैं ममता’
गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी राज्य को घुसपैठियों के हवाले करना चाहती हैं और आज बंगाल का कोई भी जिला ऐसा नहीं है जहां हिंदू खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा हो। उन्होंने दावा किया कि बंगाल को बचाने के लिए ममता बनर्जी को सत्ता से हटाना जरूरी है।
bengal controversy: इंडी गठबंधन पर भी साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी ‘इंडी गठबंधन’ पर तंज कसते हुए कहा कि यह सिर्फ नाम का गठबंधन है। उनका कहना था कि राहुल गांधी चुनाव के समय ही विपक्ष को साथ लाते हैं, बाकी समय कोई एकजुटता नजर नहीं आती, खासकर पश्चिम बंगाल में।
ओवैसी पर भी तीखा हमला
गिरिराज सिंह ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान जो समाज में नफरत फैलाते हों, देश स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में न तो कोई शरिया कानून लागू होगा और न ही देश को दोबारा बांटने की कोई कोशिश सफल होगी।
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