Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले चुनावी निष्पक्षता को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। विपक्षी दल भाजपा ने कोलकाता पुलिस के कुछ अधिकारियों पर पक्षपात के आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की है। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की अपील की है।
पुलिस अधिकारियों पर पक्षपात के आरोप
सुवेंदु अधिकारी ने अपने पत्र में कोलकाता पुलिस के तीन अधिकारियों डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास, इंस्पेक्टर बिजितास्वा राउत और सब-इंस्पेक्टर राहुल अमीन अली शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ये अधिकारी निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहे हैं और कथित रूप से सत्तारूढ़ दल के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पत्र में एक वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि अधिकारियों ने एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को ‘संरक्षक’ बताते हुए समर्थन की अपील की।
Bengal Election: चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग
भाजपा नेता ने चुनाव आयोग से इन अधिकारियों को तत्काल पद से हटाने और राज्य से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले भी इन अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 2021 के विधानसभा चुनावों में भी इनका तबादला मतदान के बाद किया गया था, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठे थे।
चुनावी सुधारों के लिए सुझाव
सुवेंदु अधिकारी ने अपने पत्र के साथ चुनाव सुधारों के 18 सुझाव भी भेजे हैं। इनमें चुनाव को कम चरणों में कराने, संवेदनशील बूथों की पहचान, केंद्रीय बलों की पर्याप्त तैनाती और पर्यवेक्षकों की पहले से नियुक्ति जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। साथ ही, राज्य पुलिस पर निर्भरता कम करने और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की भूमिका बढ़ाने की बात कही गई है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान की घोषणा की है, जो 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
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