Bengal News: पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले सामने आ रही हिंसा की घटनाओं को लेकर राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने चिंता जताई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। विपक्ष लगातार राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर हिंसा रोकने में नाकामी के आरोप लगा रहा है, जिसके बीच राज्यपाल की यह पहल अहम मानी जा रही है।
जानिए किन तत्वों से बढ़ रहा खतरा
एडवाइजरी में कहा गया है कि हालिया घटनाएं दर्शाती हैं कि असामाजिक और विघटनकारी ताकतें बहुत कम समय में सैकड़ों उग्र प्रदर्शनकारियों को जुटा सकती हैं। इससे आम नागरिकों का जीवन प्रभावित होता है और जान-माल को खतरा पैदा होता है। राज्यपाल ने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाएं सामाजिक शांति को गंभीर रूप से बाधित कर सकती हैं।
Bengal News: खुफिया तंत्र मजबूत करने पर जोर
राज्यपाल ने केंद्रीय और राज्य खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि रियल टाइम इंटेलिजेंस जुटाने और उसका विश्लेषण करने की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि किसी भी संभावित हिंसा की पहले से पहचान की जा सके। संवेदनशील मुद्दों और क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सीमावर्ती इलाकों पर विशेष सतर्कता
राज्यपाल ने कहा कि राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं संवेदनशील हैं, इसलिए केंद्र और राज्य के बीच संयुक्त खुफिया तंत्र को और प्रभावी किया जाए। सीमावर्ती इलाकों में गश्त बढ़ाने और समुदायों के साथ संवाद कायम करने पर भी जोर दिया गया है। एडवाइजरी में कहा गया है कि हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई हो, संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ाई जाए और आपात कॉल्स पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाए। साथ ही भीड़ नियंत्रण के दौरान संयम और स्थानीय नेताओं से संवाद बनाए रखने की सलाह दी गई है।
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