Bihar news: बिहार के पूर्वी चंपारण के चकिया में विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस मंदिर की सबसे खास बात है इसमें स्थापित होने वाला 33 फीट ऊँचा शिवलिंग, जिसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम से लेकर आ रहा है। यह शिवलिंग 210 मीट्रिक टन वजनी और काले ग्रेनाइट से निर्मित है।
शिवलिंग की यात्रा:
महाबलीपुरम से तैयार इस विशाल शिवलिंग को सड़क मार्ग से करीब 100 चक्कों वाले ट्रक से बिहार लाया जा रहा है। यह ट्रक करीब 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगा और लगभग 20 दिन में पूर्वी चंपारण पहुंचेगा। इस शिवलिंग के निर्माण पर लगभग 3 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
Bihar news: विराट रामायण मंदिर की विशेषताएँ
मंदिर तीन मंजिला होगा और इसमें कुल 22 देवालय होंगे। मुख्य शिखर की ऊँचाई 270 फीट होगी, जबकि अन्य शिखरों की ऊँचाई 180, 135, 108 और 90 फीट है। मंदिर का आकार 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा। मंदिर परिसर में चार आश्रम और विवाह घर व धर्मशाला भी शामिल होंगे। शिवलिंग के अलावा यहाँ सहस्रलिंगम भी स्थापित होगा, जो आठवीं शताब्दी के बाद भारत में बना पहला है। रामायण के प्रसंगों का मूर्त रूप: मंदिर के 21 देवालयों में रामायण के प्रमुख प्रसंग जैसे: श्रीराम की शिक्षा विश्वामित्र आश्रम में, अहिल्या उद्धार, शबरी के जूठे बेर, भरत मिलाप, केवट प्रसंग
को मूर्त रूप में दर्शाया जाएगा।
Bihar news: भव्य निर्माण और इतिहास:
विराट रामायण मंदिर का भूमिपूजन 2012 में हुआ था और निर्माण कार्य 2023 में शुरू हुआ। इसे पहले “विराट अंकोरवाट मंदिर” के नाम से जाना जाता था। अब यह कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर से भी बड़ा बनकर धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से बिहार का प्रमुख केंद्र बन जाएगा।
भविष्य की योजनाएँ:
Bihar news: मंदिर तैयार होने के बाद यह अयोध्या से जनकपुर तक बन रहे राम जानकी मार्ग का महत्वपूर्ण धार्मिक पड़ाव बनेगा। विश्व भर से भक्त और तीर्थ यात्री इसे देखने के लिए आएंगे।
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