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मुजफ्फरपुर के उमेश लाल कर्ण ने मरणोपरांत किया संपूर्ण अंगदान, समाज के लिए बने मिसाल

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Bihar News: मुजफ्फरपुर के खादी भंडार क्षेत्र निवासी उमेश लाल कर्ण ने मरणोपरांत अपने पूरे शरीर के अंग दान करने का संकल्प लेकर समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर लीवर, किडनी, हार्ट, फेफड़े, आंत, पैंक्रियाज, हड्डियां, हार्ट वाल्व, त्वचा, कॉर्निया, कार्टिलेज, ब्लड वेसल्स सहित सभी प्रमुख अंगों के दान की स्वीकृति दी है।

किसान थे पिता

उमेश लाल कर्ण बताते हैं कि बचपन से ही उनके मन में समाज के लिए कुछ करने की इच्छा थी, लेकिन जीवन की परिस्थितियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण यह संभव नहीं हो पाया। उनके पिता किसान थे और परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण थी। इन्हीं हालातों के बीच वर्ष 1981 में वे मुजफ्फरपुर आए और जिले के नीतेश्वर सिंह महाविद्यालय में सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत हुए। वर्षों की सेवा के बाद वे 31 दिसंबर 2018 को सेवानिवृत्त हुए।

Bihar News: अपने-अपने जीवन में व्यवस्थित

सेवानिवृत्ति के बाद जीवन को लेकर उनकी सोच और अधिक व्यापक हुई। उमेश बताते हैं कि उनके दो बेटे हैं, दोनों बाहर रहते हैं और विवाह के बाद अपने-अपने जीवन में व्यवस्थित हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी हो चुकी हैं और नौकरी से भी मुक्त हो चुके हैं। ऐसे में उन्होंने सोचा कि अब जीवन का सार्थक उद्देश्य समाज के लिए कुछ स्थायी और उपयोगी करना होना चाहिए।

यही विचार उन्हें अंगदान के निर्णय तक ले गया। उमेश लाल कर्ण ने इस विषय पर अपने परिवार से खुलकर बातचीत की और उन्हें अंगदान के महत्व को समझाया। परिवार की सहमति और समर्थन के बाद उन्होंने मरणोपरांत संपूर्ण अंगदान का निर्णय लिया और इसे सरकारी पोर्टल पर विधिवत पंजीकृत कराया। उनका कहना है कि यदि उनके अंग किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिल सकें, किसी की आंखों को रोशनी मिल सके या किसी परिवार में खुशियां लौट सकें, तो इससे बड़ा समाजसेवा का कार्य और कुछ नहीं हो सकता। उमेश लाल कर्ण का यह कदम न केवल मुजफ्फरपुर बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है, जो लोगों को अंगदान के प्रति सोचने और आगे बढ़ने का संदेश देता है।

Report By: विक्रम कुमार

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