Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की नगीना तहसील के नंदपुर गांव में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर एक रहस्यमयी घटना का केंद्र बन गया है। यहां सोमवार तड़के चार बजे से एक कुत्ता बिना थके बिना रुके मंदिर में विराजमान हनुमान जी भगवान शिव-शंकर राधा-कृष्ण और मां दुर्गा की प्रतिमाओं की लगातार परिक्रमा कर रहा है। यह दृश्य देखने वाले श्रद्धालुओं के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं लग रहा। कुत्ता न भूखा-प्यासा दिख रहा है न आक्रामक बस शांत भाव से देवी-देवताओं के चारों ओर चक्कर लगा रहा है। थकान महसूस होने पर बीच-बीच में आराम करता है और फिर परिक्रमा जारी रख देता है।
श्रद्धालु मान रहे भगवान की विशेष कृपा
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि यह सिलसिला सोमवार सुबह शुरू हुआ और अब चौथे दिन भी जारी है। कुत्ता मंदिर से बाहर नहीं निकल रहा। श्रद्धालु इसे भगवान की विशेष कृपा मान रहे हैं। स्थानीय निवासी रामस्वरूप ने कहा यह प्राचीन मंदिर हमारी आस्था का केंद्र रहा है लेकिन ऐसी घटना पहली बार घटी। कुत्ता भक्ति में लीन प्रतीत हो रहा है। खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लेकर सहारनपुर मेरठ जैसे जिलों तक चर्चा हो गई। मंदिर में जय बजरंगबली, हरे राम-हरे कृष्ण के जयकारे गूंज रहे हैं। दूर-दराज से लोग दर्शन को पहुंच रहे हैं जिससे भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।
Bijnor News: देवी-देवताओं की मूर्तियों के आसपास बेरिकेटिंग
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रियाएं भी दिलचस्प हैं। कुछ इसे भैरवनाथ का अवतार बता रहे तो कुछ हनुमान जी का दूत एक भक्त ने बताया परिक्रमा के दौरान एक अन्य कुत्ता आया लेकिन इस भक्त कुत्ते ने उसे नजरअंदाज कर चक्कर जारी रखे। क्षेत्रीय मंत्री अनूप बाल्मीकि भी मंदिर पहुंचे और पूरे दृश्य को करीब से देखा। उन्होंने कहा यह आस्था का प्रतीक है लेकिन व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क है। प्रशासन ने भी नजर रखी है ताकि भीड़ में अव्यवस्था न हो। मंदिर समिति और ग्रामीणों ने कुत्ते की देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ी। ठंड से बचाने के लिए परिसर में पॉलीथीन शीट्स लगाई गईं। भोजन-पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए देवी-देवताओं की मूर्तियों के आसपास बेरिकेटिंग कर दी गई जिससे कुत्ते की परिक्रमा में कोई व्यवधान न पहुंचे। समिति अध्यक्ष ने बताया हम कुत्ते को नुकसान नहीं होने देंगे। यह हमारी मानवीय जिम्मेदारी है।
सोशल मीडिया पर जमकर वीडियो वायरल
यह घटना सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है। वीडियो क्लिप्स में कुत्ता स्पष्ट रूप से परिक्रमा करता नजर आ रहा। लोग कमेंट्स में लिख रहे भगवान हर रूप में प्रकट होते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से इसे भूख-प्यास सहने की क्षमता या संयोग कहा जा सकता है लेकिन आस्था के आगे ये तर्क पीछे हट जाते हैं। मंदिर का इतिहास सदियों पुराना है जहां भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है। अब यह कुत्ता नया आकर्षण बन गया।
ग्रामीणों का मानना है कि यह दैवीय संकेत हो सकता है जो आने वाले समय में किसी बड़े संदेश का प्रतीक है। फिलहाल मंदिर प्रबंधन ने लाउडस्पीकर से भीड़ प्रबंधन की अपील की है। पुलिस भी मौके पर तैनात है। यह अनोखी घटना न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्या यह चमत्कार जारी रहेगा समय ही बताएगा। लेकिन फिलहाल, नंदपुर का यह आध्यात्मिक कुत्ता आस्था की नई मिसाल पेश कर रहा है।
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