Budget 2026: बजट सत्र 2026 की शुरुआत के साथ ही संसद परिसर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण और बजट सत्र को लेकर दिए गए वक्तव्य पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए सरकार की संसदीय कार्यप्रणाली और विपक्ष की अनदेखी का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने किया कड़ा विरोध
कांग्रेस के प्रभारी महासचिव एवं राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री प्रत्येक सत्र की शुरुआत में देश के नाम संदेश जरूर देते हैं, लेकिन व्यावहारिक तौर पर विपक्ष को न तो विश्वास में लिया जाता है और न ही महत्वपूर्ण विधायी मुद्दों पर संवाद किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सर्वदलीय बैठकों से बचती है और कई अहम विधेयक अंतिम समय में पेश कर बिना पर्याप्त बहस के पारित करा लिए जाते हैं।

Budget 2026: जयराम रमेश का आरोप
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि संसद के भीतर उठाए गए सवालों का उत्तर देने के बजाय प्रधानमंत्री अक्सर संसद से बाहर चुनावी मंचों पर बयान देते हैं। उनके अनुसार, लोकतंत्र की आत्मा संसद में संवाद और बहस से मजबूत होती है, न कि केवल औपचारिक कार्यवाही से। कांग्रेस का कहना है कि उसका विरोध प्रदर्शन संसद की गरिमा और विपक्ष की भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया।
पीएम मोदी के बयान पर बहस
वहीं, विवाद की जड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह बयान है, जो उन्होंने बजट सत्र की शुरुआत पर संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। प्रधानमंत्री ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि देश अब लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से बाहर निकल रहा है और स्थायी तथा दीर्घकालिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समय अवरोध पैदा करने का नहीं, बल्कि समाधान खोजने का है। प्रधानमंत्री ने अपने बयान में संसद के भीतर बार-बार होने वाले व्यवधानों और गतिरोध की ओर इशारों-इशारों में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि “कुछ लोग संसद को चलने नहीं देना चाहते, जबकि देश समाधान और विकास की अपेक्षा कर रहा है।” यही टिप्पणी कांग्रेस के लिए आपत्ति का विषय बन गई।
Budget 2026: मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा
प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को भारत के लिए एक बड़ा और महत्वाकांक्षी कदम बताया। उन्होंने देश के उद्योग जगत और निर्माताओं से अपील की कि वे वैश्विक स्तर पर खुल रहे नए बाजारों का लाभ उठाएं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार नीतिगत फैसलों के साथ-साथ योजनाओं की अंतिम छोर तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।
Written by- Anurag Vishwakarma







