Buisness: 1 अप्रैल से देश में टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब Income-tax Act, 1961 की जगह Income-tax Act, 2025 लागू होगा। हालांकि टैक्स स्लैब और दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन नियम पहले से ज्यादा सख्त और पारदर्शी हो जाएंगे। ऐसे में टैक्सपेयर्स के लिए इन नए नियमों को समझना बेहद जरूरी है, ताकि आगे किसी परेशानी से बचा जा सके।
नया कानून और रिपोर्टिंग में बदलाव
सरकार के मुताबिक यह सिर्फ बदलाव नहीं बल्कि पूरे टैक्स सिस्टम का री-राइट है। अब आय, कटौतियां, सैलरी, कैपिटल गेन और डिस्क्लोजर को ज्यादा सटीक तरीके से रिपोर्ट करना होगा। हालांकि राहत की बात यह है कि टैक्स स्लैब और दरें पहले जैसी ही रहेंगी और कोई नया टैक्स नहीं जोड़ा गया है।
Buisness: मील कार्ड और HRA में राहत
सैलरीड कर्मचारियों को मील कूपन, वाउचर या कार्ड पर ज्यादा टैक्स छूट मिलेगी और सालाना ₹1 लाख तक का बेनिफिट टैक्स-फ्री हो सकता है। वहीं HRA नियमों को भी अपडेट किया गया है अब ज्यादा शहरों को 50% छूट की कैटेगरी में शामिल किया गया है। हालांकि HRA क्लेम के लिए मकान मालिक की जानकारी देना अनिवार्य होगा, जिससे फर्जी दावों पर रोक लगेगी।
Buisness: PAN और ITR से जुड़े नए नियम
अब PAN Card का इस्तेमाल ज्यादा ट्रांजैक्शन में जरूरी होगा, जैसे गाड़ी खरीदना या बड़े खर्च करना। सही जानकारी देने पर टैक्स रिफंड तेजी से मिलेगा, जबकि गड़बड़ी होने पर देरी हो सकती है। साथ ही ITR फाइलिंग को आसान बनाया गया है, जहां नया या पुराना टैक्स रिजीम सीधे फॉर्म में ही चुना जा सकेगा।
डिजिटल फोकस और टाइमलाइन
Buisness: नए कानून का फोकस डिजिटल कंप्लायंस, फेसलेस असेसमेंट और कम विवाद पर है। अब ईमेल, क्लाउड और स्मार्टफोन जैसे डिजिटल माध्यम भी जांच के दायरे में आएंगे। यह कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और पहला ITR 2027 में फाइल किया जाएगा, हालांकि सैलरी, TDS और PAN से जुड़े नियम तुरंत लागू हो जाएंगे।
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