Chomu Masjid Violence: राजस्थान के जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में शुक्रवार तड़के मस्जिद के बाहर अतिक्रमण हटाने को लेकर हालात बेकाबू हो गए। विवाद इतना बढ़ा कि पुलिस और भीड़ के बीच जमकर पथराव हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात को संभालने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया, हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
हिरासत में लिए गए लोगों के बयान
पथराव की घटना के बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से एक व्यक्ति ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि वह निर्दोष है। उसने कहा, “मेरे घर में मलबा पड़ा था, लेकिन मैंने किसी पर पत्थर नहीं फेंका। मैं कसम खाता हूं कि मैंने एक भी पत्थर नहीं उठाया।” वहीं एक अन्य हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने भी खुद को बेगुनाह बताया।
Chomu Masjid Violence: क्या है पूरा विवाद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चौमूं बस स्टैंड के पास स्थित कलंदरी मस्जिद के आसपास अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। गुरुवार शाम प्रशासन और समुदाय के लोगों के बीच बैठक के बाद सड़क किनारे रखे पत्थरों को हटाने पर सहमति बनी थी। लेकिन बाद में कुछ लोगों ने मस्जिद के पास लोहे की रेलिंग लगाकर स्थायी ढांचा खड़ा करने की कोशिश की, जिससे तनाव दोबारा भड़क उठा।
पुलिस पर हमला, कई जवान घायल
जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की, तो भीड़ के एक हिस्से ने पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान करीब छह पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें से अधिकांश को सिर में चोटें आई हैं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पथराव में कई पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
Chomu Masjid Violence: अतिरिक्त बल तैनात, फ्लैग मार्च
स्थिति बिगड़ने के बाद चौमूं, हरमाड़ा, विश्वकर्मा और दौलतपुरा थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और पूरे क्षेत्र में फ्लैग मार्च कराया।
फिलहाल शांति, जांच जारी
पुलिस का कहना है कि फिलहाल इलाके में शांति है, लेकिन पथराव में शामिल लोगों की पहचान के लिए तलाशी अभियान जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अफवाहों को रोकने के लिए कुछ मैसेजिंग सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई है।






