cm yogi aditynath: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर शुक्रवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि देश में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “मेरे लिए भी वही कानून है, जो किसी आम व्यक्ति के लिए है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन परंपरा में शंकराचार्य का पद अत्यंत पवित्र और मर्यादित है, इसलिए कोई भी व्यक्ति स्वयं को शंकराचार्य घोषित कर व्यवस्था को बाधित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि समाज और शासन दोनों नियमों तथा परंपराओं से संचालित होते हैं और इनका पालन सभी को करना चाहिए।
माघ मेले की व्यवस्था का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में आयोजित माघ मेले का जिक्र करते हुए कहा कि मौनी अमावस्या के अवसर पर साढ़े चार करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। इतनी बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था बनाई थी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या मार्ग अवरोध से जनसुरक्षा प्रभावित हो सकती है, इसलिए कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
cm yogi aditynath: परंपरा और व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में शंकराचार्य की परंपरा आदिगुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार प्रमुख पीठों से जुड़ी है—उत्तर में ज्योतिष पीठ, दक्षिण में श्रृंगेरी, पूर्व में पुरी और पश्चिम में द्वारका। इन पीठों की अपनी परंपरा और विधि है, जिनका सम्मान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। सरकार का उद्देश्य किसी की आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि सभी के लिए समान रूप से कानून लागू करना है।
cm yogi aditynath: विवाद की पृष्ठभूमि
18 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को प्रशासन द्वारा रोके जाने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से पैदल संगम जाने का आग्रह किया था, जिस पर कुछ समर्थकों ने आपत्ति जताई। बाद में स्थिति को नियंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कानून के शासन पर विश्वास करती है और मर्यादा के साथ व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी से अपील की कि धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए कानून और अनुशासन का पालन करें। सरकार ने दोहराया कि प्रदेश में आस्था और व्यवस्था दोनों की रक्षा करना उसकी प्राथमिकता है।
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