CM Yogi Mother: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां और गाय को लेकर बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम की कथित अभद्र टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत और सड़कों दोनों पर माहौल गरमा गया है। प्रदेश के कई शहरों में इस बयान को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। राजधानी लखनऊ, कानपुर समेत कई जिलों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और मौलाना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। मुख्यमंत्री की मां को लेकर की गई टिप्पणी को लोगों ने न केवल व्यक्तिगत अपमान बताया है बल्कि इसे सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला भी कहा है। इसी बीच प्रदेशभर में मौलाना के खिलाफ शिकायतों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है और अब तक 120 से ज्यादा शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
गिरफ्तारी की मांग तेज
राजधानी लखनऊ के प्रमुख बाजार और राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र माने जाने वाले Hazratganj में बुधवार को सैकड़ों की संख्या में युवा और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता इकट्ठा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने मौलाना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि किसी भी सार्वजनिक मंच से किसी की मां के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना बेहद निंदनीय है और इस तरह के बयान समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा। मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।
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वहीं बीते दिन मंगलवार को लखनऊ के कई प्रमुख स्थानों पर मौलाना के विरोध में पोस्टर लगाए गए थे। इनमें हजरतगंज चौराहा और भाजपा के प्रदेश कार्यालय के सामने पोस्टर देखे गए। इन पोस्टरों में 11 मार्च को हजरतगंज स्थित गांधी पार्क में विशाल विरोध प्रदर्शन की घोषणा की गई थी। हालांकि जैसे ही इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन को मिली, अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर इन पोस्टरों को हटवा दिया। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति के लगाए गए पोस्टरों को हटाना जरूरी था ताकि कानून व्यवस्था प्रभावित न हो।
CM Yogi Mother: शहरभर में दिखा विरोध
लखनऊ के वीवीआईपी गेस्ट हाउस, नगर निगम परिसर, अलीगंज, आलमबाग और गोमतीनगर जैसे कई इलाकों में भी मौलाना के खिलाफ पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों में उनके बयान की निंदा करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की गई थी। शहर के अलग–अलग हिस्सों में लोग इस मुद्दे को लेकर चर्चा कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जानकारी के मुताबिक, मौलाना के खिलाफ प्रदेश के अलग–अलग जिलों में अब तक 120 से अधिक शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय समूहों ने भी प्रशासन से लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी शिकायतों का परीक्षण किया जा रहा है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे विवाद के बीच मौलाना पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्हें अब गिरफ्तारी का डर सताने लगा है। आरोप है कि उन्होंने एक जलसे के दौरान मुस्लिम युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अगर उन्हें जेल भेजा जाता है तो लोग सिर्फ व्हाट्सएप और ट्विटर पर पोस्ट न करें बल्कि सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएं। उनके इस बयान के बाद विवाद और बढ़ गया है। कई संगठनों ने इसे लोगों को भड़काने वाला बयान बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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