Cm yogi: कैथल जिले के सोंगल गांव में स्थित सिद्ध बाबा मुकुट नाथ मठ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को दर्शन दिए। उन्होंने कहा कि सोंगल की भूमि ने हर युग में अपना प्रभाव दिखाया है और उन्हें इस पवित्र परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा, “कई वर्षों के बाद, संतों और भक्तों का इतना विशाल जमावड़ा यहां सोंगल में इकट्ठा हुआ है। इस पवित्र भूमि पर, एक ऐसी भूमि जिसने हर युग में अपना प्रभाव दिखाया है, मुझे आपके दर्शन प्राप्त करने और इस परंपरा के प्रति श्रद्धा अर्पित करने का अवसर मिला।” साथ ही योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म विरोधी रुझानों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “जब सनातन विरोधी सरकारें आती हैं, तो वे तुष्टीकरण करती हैं। आजादी के बाद कश्मीर की समस्या हो या नक्सलवाद की समस्या, ये समस्याएं इन्हीं लोगों ने दी हैं।”
Cm yogi: सोंगल मठ का ऐतिहासिक महत्व
कैथल के सोंगल गांव का बाबा मुकुटनाथ मठ न केवल धार्मिक बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। संतों के अनुसार, सिद्ध बाबा मुकुटनाथ महंत ने इसी मठ से धर्म नाथ पंथ की गद्दियों की शुरुआत की थी। यहां बाबा मुकुटनाथ और बाबा गोरखनाथ की पूजा होती है। इसी कारण योगी आदित्यनाथ का मठ से विशेष लगाव है, क्योंकि वे गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर भी हैं।
कितनी पुरानी है यह परंपरा?
Cm yogi: इस मठ का इतिहास लगभग 1600 से 1700 साल पुराना माना जाता है। परिसर में 17 महंतों की समाधि बनी हुई है। कहा जाता है कि यहां माथा टेकने से हर मनोकामना पूरी होती है। मुगलकाल में मठ पर मुगलों ने कब्जा किया था, लेकिन नाथ पंथियों ने इसे मुक्त कराया। प्राचीन समय में नाथ पंथ केवल भक्ति ही नहीं करता था, बल्कि धर्म की रक्षा का भी कार्य करता था।
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