Delhi Blast: दिल्ली में लाल किले के पास हुए ब्लास्ट के बाद से ही फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी सोशल मीडिया के साथ-साथ आम जनता के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। जिसके पीछे का सबसे बड़ा कारण है जिन पांच डॉक्टरों ने लाल किले के पास हुए ब्लास्ट की साजिश रची थी उनके तार अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े थे। इसी क्रम में ब्लास्ट मामले की जांच में नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) ने आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉ. शाहीन सईद के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फ्लैट से 18.50 लाख कैश समेत सोने के बिस्किट और गहने बरामद किए है। हैरानी की बात ये है कि इस दौरान एजेंसी को अलमारी से अरब देशों की करेंसी भी हाथ लगी है।
कैसे बरामद हुआ सामान?
गौरतलब है कि गुरुवार की रात जांच एजेंसी शाहीन को लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची। जहां टीम ने उसकी गतिविधियों की जांच की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी के अंदर शाहीन का 22 नंबर फ्लैट है। जहां वह काफी समय से रह रही थी। जांच के दौरान जब जांच एजेंसी ने फ्लैट में रखी अलमारी का लॉक खुलवाया तो देखा वहां सीक्रेट लॉकर लगा हुआ था। जिसके बाद उसको खुलवाया गया तो अंदर कई पैकेट रखे मिले। जिनमें 500-500 रुपए के नोट थे। टीम ने जब पैसे गिने तो वह 18.50 लाख रुपए निकले। वहीं जब अलमारी के दूसरे लॉकर की टीम ने तलाशी ली तो उसमें सोने के 2 बिस्कुट के साथ लगभग 300 ग्राम सोने के गहने मिले। साथ ही अलमारी से अरब देशों की करेंसी भी बरामद की गई।
Delhi Blast: विदेशी NGO के माध्यम से पैसा मांगने का आरोप
शाहीन, जो वर्ष 2006 से 2013 तक कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में फार्माकोलॉजी विभाग की प्रवक्ता और विभागाध्यक्ष रह चुकी हैं, अब एक बड़े जांच के केंद्र में हैं। एजेंसी की जांच में सामने आया कि NGO के जरिए विदेशी देशों से अवैध धन संग्रह करने वाले गिरोह का एक व्यापक नेटवर्क है, जो खाड़ी के कई देशों जैसे बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात तक फैला हुआ है। टीम के अनुसार, इस गिरोह के माध्यम से पैसा मंगाने की गतिविधियाँ विभिन्न देशों में चल रही हैं, जिसमें शाहीन का नाम भी जुड़ा हुआ है। मामले की गहनता को देखते हुए आगे की कार्रवाई जारी है।
टीम ने कब्जे में लिए दस्तावेज
वहीं जांच एजेंसी ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक में जाकर शाहीन के नाम पर रखे गए एक लॉकर को खोला और उसमें रखे दस्तावेज बरामद किए। जांच टीम ने इन दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दस्तावेजों में क्या सामग्री मौजूद है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शाहीन जांच एजेंसी के साथ सहयोग नहीं कर रही है। गुरुवार को जब उन्हें फरीदाबाद लाया गया, तो उन्होंने जांच टीम को बार-बार गुमराह करने की कोशिश की। जांच अब भी जारी है और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।







