Delhi crime: देश की राजधानी दिल्ली में नाबालिगों का अपराध की दुनिया में तेजी से फिसलना चिंता का बड़ा कारण बनता जा रहा है। दिल्ली पुलिस के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि कम उम्र के बच्चे भी अब हत्या, लूट, चोरी और रेप जैसे गंभीर अपराधों में पकड़ में आ रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि पुलिस के रिकॉर्ड खुद shocking तस्वीर पेश करते हैं।
चौंकाने वाले आंकड़े
पुलिस आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में हत्या के 270 मामलों में नाबालिग शामिल पाए गए, जबकि हत्या के प्रयास के 457 मामलों में भी बच्चों का हाथ सामने आया है। इसके अलावा, डकैती के 32, रॉबरी के 368, रेप के 136, चोट पहुंचाने के 307 और चोरी के 679 मामलों में नाबालिग पकड़े गए हैं। जनवरी से नवंबर 2025 के बीच कुल 3347 नाबालिगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किए गए। यह संख्या दिल्ली में बढ़ते किशोर अपराध की गंभीर तस्वीर पेश करती है।
Delhi crime: क्यों बढ़ रहा है नाबालिग क्राइम?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि ज्यादातर नाबालिग अपराधी स्कूल ड्रॉपआउट होते हैं। कई बच्चे ड्रग्स की लत में पड़कर अपराध की ओर बढ़ जाते हैं, जबकि सोशल मीडिया भी इन पर गलत प्रभाव डाल रहा है। पुलिस के मुताबिक, जेजे एक्ट में सख्त सजा न होने के कारण भी कुछ नाबालिग अपराध की तरफ आकर्षित हो रहे हैं, क्योंकि ऑब्ज़र्वेशन होम में उन्हें ज्यादा कड़े नियमों का सामना नहीं करना पड़ता।
हर दिन बढ़ रहा खतरा
Delhi crime: दिल्ली में हर दिन ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां बेहद कम उम्र के बच्चे अपराध में शामिल मिलते हैं। सही मार्गदर्शन की कमी, परिवार की लापरवाही और नशे की बढ़ती आदतें बच्चों को अपराध की गहराई में धकेल रही हैं। कई बच्चे एक बार इस दलदल में फंस जाते हैं तो वापस सामान्य जीवन में लौटना मुश्किल हो जाता है। बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए ज़रूरत है कि सरकार और समाज दोनों मिलकर ऐसे कदम उठाएं, जिससे नाबालिग बच्चों को अपराध के रास्ते से हटाकर सही दिशा दी जा सके।
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