Delhi NCR Weather Update: पिछले 24 घंटों में एनसीआर में चली तेज हवाओं और बीच-बीच में हुई बारिश का सीधा असर हवा की गुणवत्ता पर पड़ा है। लंबे समय बाद दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में साफ तौर पर सुधार देखने को मिला है। इससे लोगों को प्रदूषण से काफी राहत मिली है और हवा पहले की तुलना में सांस लेने के लिए बेहतर हो गई है।
प्रदूषण स्तर में सुधार
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) और मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में AQI अभी भी ‘खराब’ श्रेणी में है, लेकिन कुछ जगहों पर यह ‘बेहद खराब’ स्तर से नीचे आ गया है।

दिल्ली के अशोक विहार में AQI 318, बवाना में 329, चांदनी चौक में 332, रोहिणी में 326, वजीरपुर में 335, सोनिया विहार में 338 और विवेक विहार में 306 दर्ज किया गया। आर.के. पुरम और सिरीफोर्ट में AQI 301 रहा। वहीं कुछ इलाकों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही। शादिपुर में AQI 165 और सीआरआरआई मथुरा रोड पर 186 दर्ज किया गया।
Delhi NCR Weather Update: नोएडा और गाजियाबाद हालात
नोएडा में सेक्टर-62 का AQI 186, सेक्टर-125 का 255, सेक्टर-1 का 262 और सेक्टर-116 का 235 रहा। गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में AQI 320 दर्ज किया गया, जबकि संजय नगर में यह 139 रहा, जो राहत देने वाली स्थिति मानी जा रही है। इसके अलावा इंदिरापुरम में AQI 276 और वसुंधरा में 258 दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है। 28 जनवरी को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। 29 जनवरी को यह घटकर 8 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि 30 और 31 जनवरी को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक जाने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 19 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है।
कोहरे से बढ़ेगी चिंता
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक एनसीआर में अगले दो दिनों तक हल्का से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है। 28 जनवरी को हल्का कोहरा (शैलो फॉग) और 29, 30 व 31 जनवरी को मध्यम कोहरा (मॉडरेट फॉग) देखने को मिल सकता है। फिलहाल मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

तेज हवाओं और बारिश की वजह से हवा में मौजूद प्रदूषण कणों में कमी आई है, जिससे कुछ दिनों तक वायु गुणवत्ता में आंशिक सुधार बने रहने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे तापमान और गिरेगा और कोहरा बढ़ेगा, वैसे-वैसे प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ सकता है।







