Delhi Vidhan Sabha: सिख गुरु मामले में दिल्ली विधानसभा और पंजाब पुलिस के बीच टकराव बढ़ता नजर आ रहा है। दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब सरकार की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल), मोहाली को नोटिस जारी कर पूरे मामले से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेज मांगे हैं। यह मामला 6 जनवरी 2026 की विधानसभा कार्यवाही से जुड़े एक वीडियो क्लिप से संबंधित है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप लगाया गया था।
वीडियो क्लिप को लेकर विवाद
जालंधर पुलिस ने 7 जनवरी को शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस का दावा था कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप में जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है। पंजाब एफएसएल की 9 जनवरी की रिपोर्ट में कहा गया कि वीडियो में ‘गुरु’ शब्द आतिशी ने नहीं कहा और ऑडियो-वीडियो डिजिटल रूप से बदला गया है। इसके आधार पर पुलिस ने वीडियो को डॉक्टर्ड बताते हुए कार्रवाई शुरू की।
Delhi Vidhan Sabha: विशेषाधिकार समिति को भेजा गया मामला
9 जनवरी को यह मामला दिल्ली विधानसभा में उठाया गया, जिसके बाद आतिशी ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। सदन ने इसे गंभीर मानते हुए मामले को विशेषाधिकार समिति को भेज दिया। साथ ही वीडियो क्लिप की जांच के लिए दिल्ली सरकार की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी को भी भेजा गया है।
एफएसएल मोहाली को नोटिस
दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब एफएसएल (मोहाली) को निर्देश दिया है कि वह केस से जुड़े सभी रिकॉर्ड, लिखित बयान, पुलिस की एप्लीकेशन और अन्य दस्तावेज 22 जनवरी 2026 तक प्रस्तुत करे। यह नोटिस विधानसभा सचिव रणजीत सिंह द्वारा स्पीकर की मंजूरी से जारी किया गया।
Delhi Vidhan Sabha: राजनीतिक विवाद गहराया
यह मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। दिल्ली विधानसभा ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई को सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन बताया है। वहीं, जालंधर कोर्ट ने वीडियो को फर्जी मानते हुए सोशल मीडिया से हटाने का आदेश दिया है। फिलहाल जांच जारी है और दोनों पक्षों से तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।







