Deoria Mazar Bulldozer Action: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की अवैध कब्जों के खिलाफ सख्ती देवरिया में साफ देखने को मिली। यहां बीते दिन रविवार को गोरखपुर रोड ओवरब्रिज से सटी करीब 50 साल पुरानी अवैध मजार पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। करीब 6 घंटे तक चली कार्रवाई में मजार का मेन गेट, बाउंड्री, 6 पिलर, 3 दुकानें और गुंबद ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन ने फिलहाल कार्रवाई रोक दी है, जिसे आज सोमवार सुबह 11 बजे के बाद दोबारा शुरू किया जाएगा। अगली कार्रवाई में बेसमेंट की छत और हॉल तोड़े जाएंगे।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई
रविवार दोपहर करीब 12 बजे नगर पालिका की टीम 6 थानों की 300 पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। पहले पूरे परिसर को खाली कराया गया, फिर कड़ी घेराबंदी कर 3 बुलडोजरों से ध्वस्तीकरण शुरू किया गया। मौके पर एसडीएम श्रुति शर्मा स्वयं मौजूद रहीं और पूरी कार्रवाई की निगरानी की।
Deoria Mazar Bulldozer Action: कोर्ट के आदेश के बाद चला बुलडोजर
अब्दुल शाह गनी मजार गोरखपुर रोड ओवरब्रिज से सटी सरकारी भूमि पर बनी हुई थी। इस मामले की पहली शिकायत 2019 में तत्कालीन जिलाधिकारी से की गई थी। जांच के बाद एसडीएम कोर्ट ने संबंधित भूमि को बंजर (सरकारी) घोषित कर दिया। कोर्ट में बचाव पक्ष मजार से जुड़े मानचित्र और वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका, जिसके बाद नगर पालिका को नोटिस जारी कर ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया।
योगी सरकार की नीति का असर
सदर विधायक डॉ. शलभ मणि ने इस कार्रवाई को जनता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘अवैध कब्जे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति’ का परिणाम है। विधायक ने पूर्व में स्वयं मुख्यमंत्री से मिलकर इस प्रकरण की जानकारी दी थी, जिसके बाद मामले की सुनवाई में तेजी आई।

डॉ. शलभ मणि ने कहा कि प्रदेश सरकार अवैध कब्जों पर बिना भेदभाव कार्रवाई कर रही है। देवरिया में यह उसका जीता-जागता उदाहरण है। इस मजार का विरोध करने पर रामनगीना यादव की हत्या तक कर दी गई थी।







