Digital Media: 2019 के बाद से देखा जाए तो डिजिटल मीडिया ने अपनी एक अलग ही छाप बनाई है। आज की पीढ़ी, खासकर GEN-Z, डिजिटल स्क्रीन, सोशल मीडिया ऐप्स और ऑनलाइन दुनिया में पहले की तुलना में कहीं अधिक डूबी हुई है। वैसे तो डिजिटल मीडिया के कई फायदे हैं, लेकिन जैसा कहा जाता है—हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। डिजिटल मीडिया ने सीखने, जुड़ने और जानकारी पाने के कई रास्ते खोले हैं, लेकिन इसके कुछ नकारात्मक प्रभाव युवाओं के मानसिक, सामाजिक और व्यवहारिक जीवन को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं।

Digital Media: युवाओं की जिंदगी में बढ़ती समय की बरबादी
Digital Media: डिजिटल मीडिया ने आज के युवाओं को एक ऐसे चक्रव्यूह में फंसा दिया है, जिससे बाहर निकलना आज के समय में लगभग नामुमकिन हो गया है। आज के युवा इस डिजिटल युग में चार घंटे तक ढंग और स्थिरता से पढ़ नहीं पाते, लेकिन वही चार घंटे वे स्थिरता और एकाग्रता से सोशल मीडिया पर बिता सकते हैं।
“समय” कितना मूल्यवान है, यह हम सभी जानते हैं। 18 से 25 वर्ष की उम्र हमारा भविष्य तय करती है, हमें मार्ग देती है, लेकिन ज्यादातर युवा इस उम्र का इस्तेमाल सोशल मीडिया की चमक-दमक और दिखावे में गँवा देते हैं।
याद रखें—हर चीज की अति आपके जीवन को बर्बाद कर सकती है।

AI पर बढ़ती निर्भरता और घटती उत्पादकता
Digital Media: आज के युग में हम पूरी तरह से डिजिटल मीडिया और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर निर्भर हो गए हैं। हर कार्य के लिए, यहाँ तक कि रोज़मर्रा की जिंदगी कैसे जी जाए—इसके लिए भी हम AI से पूछते हैं। AI के अधिक प्रभाव के कारण मानव उत्पादकता में काफी कमी नज़र आने लगी है।
आज के युवा ग्रंथ, महाभारत या रामायण पढ़ने के लिए पुस्तकालय जाने की बजाय AI का सहारा लेते हैं। भले ही AI आपका समय बचाता है और आपकी भाषा में ज्ञान प्रदान करता है, लेकिन वह भावनाएँ, विचारों की गहराई और शब्दों की वह मिठास नहीं दे सकता जो हमारी अंतरात्मा को छू सके।
इस बात का ध्यान रखना होगा—
“AI हमारे लिए है, हम AI के लिए नहीं।”

सामाजिक दूरी और अकेलापन
Digital Media: डिजिटल मीडिया ने हमारे जीवन पर ऐसा प्रभाव डाला है कि हमारी सामाजिक और आपसी दूरियाँ बढ़ती जा रही हैं। आज सोशल मीडिया पर हमारे लाखों-करोड़ों दोस्त हो सकते हैं, लेकिन असल जिंदगी में बात करने वाला कोई एक भी नहीं मिलता। हमने डिजिटल मीडिया को ही दोस्त बना लिया है और उसके इस्तेमाल पर रोक लगाने वालों को दुश्मन। डिजिटल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से हमारे भीतर का धैर्य भी खत्म हो गया है—धैर्य, जो जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है और जिसके बिना सफलता अधूरी है। आज स्थिति यह है कि किसी भी वेबसाइट में ज़रा सी त्रुटि आ जाए तो हम तुरंत चिड़चिड़े हो जाते हैं।
Written By- Adarsh Kathane
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