Digvijay Controversy: दिग्विजय सिंह ने हाल ही में बीजेपी और आरएसएस संगठन की सराहना करते हुए एक पुरानी तस्वीर को ट्वीट के साथ शेयर किया, इस बयान ने सामने आने के बाद से ही वे अब विवादों में घिर गए है।
राहुल गांधी ने लोकसभा में जताई आपत्ति
उनके द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर रविवार के दिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गहरी आपत्ति जताई। दिग्विजय सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह तस्वीर दिखाती है कि RSS का जमीनी स्वयंसेवक और BJP का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में बैठकर कैसे प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री बनते हैं। उन्होंने इसे संगठन की ताकत बताया।

Digvijay Controversy: हास्यपूर्ण बातचीत और सोनिया की हंसी
बता दें, दिल्ली में मौजूद कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर दोनों नेतों के बीच मुलाकात भी हुई। जहां दोनों नेताओं ने पहले एक-दूसरे से हाथ मिलाया, उसके बाद राहुल गांधी ने मजाकिया अंदाज में दिग्विजय सिंह से कहा, “कल आपने गलत व्यवहार किया।” राहुल की इस टिप्पणी को सुनकर वहां मौजूद सोनिया गांधी और अन्य सभी नेता हंसने लगे। इस दौरान दोनों थोड़ी बातचीत करते भी नजर आए।
कांग्रेस में नाराजगी का माहौल
इस पोस्ट के सामने आने के बाद से ही कांग्रेस नेताओं में नाराजगी देखने को मिली। इसके बाद से स्थापना दिवस कार्यक्रम के मौके पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा बिना किसी का नाम लेते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा कभी भी संविधान, धर्मनिरपेक्षता और गरीबों के अधिकारों से समझौता नहीं किया गया। यही नहीं कांग्रेस पार्टी ने धर्म के नाम पर न तो वोट मांगे और न ही मंदिर-मस्जिद के नाम पर लोगों के बीच नफरत फैलाई।

मल्लिकार्जुन खड़गे का स्पष्ट संदेश
वही दिग्विजय की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहां कि कांग्रेस पार्टी को गोडसे की विचारधारा से जुड़ी हुई संगठन से कुछ भी सीखने की आवश्यकता नहीं है। दूसरी तरफ सांसद मणिक्कम टैगोर का कहना है कि RSS एक नफरत को फ़ैलाने वाला संगठन है और यह कोई सीख नहीं दे सकता।
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