Fertilizer Budget 2026: आगामी संघीय बजट 2026-27 से पहले, भारत के उर्वरक उद्योग ने केंद्र सरकार से कस्टम ड्यूटी में कटौती, सब्सिडी ढांचे में सुधार और उर्वरक नीति को और संतुलित बनाने की विस्तृत मांग पेश की है।
उद्योग की प्रमुख मांगें
कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी में राहत
उर्वरक उद्योग ने कहा कि अमोनिया, फास्फोरिक एसिड, सल्फ्यूरिक एसिड, रॉक फॉस्फेट और सल्फर जैसे आवश्यक इनपुट्स पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को हटाया या कम किया जाना चाहिए, ताकि उत्पादन लागत घटे और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिले।

Fertilizer Budget 2026: सब्सिडी ढांचे में सुधार
इस बार उद्योग ने यूरिया को भी पोषक-आधारित सब्सिडी (NBS) ढांचे में लाने का सुझाव दिया है, ताकि पोषक संतुलन में सुधार हो और मृदा स्वास्थ्य बेहतर बनाया जा सके।
कृषि अवसंरचना और विकास सेस (AIDC) में राहत
उद्योग ने कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट सेस में भी राहत की मांग की है, जिससे फर्टिलाइज़र निर्माताओं पर अतिरिक्त लागत का बोझ कम होगा।
कर और नीतिगत प्रोत्साहन
इसके अलावा, उद्योग ने अनुसंधान व विकास, डाउनस्ट्रीम प्रोजेक्ट्स, तेज़ कर लाभ (Accelerated Depreciation) और अनुपालन बोझ को सरल बनाने जैसे विषयों को भी बजट में शामिल करने की अपील की है।
Written by- Anurag Vishwakarma







