Gajar Halwa: ठंड के दिनों को तब तक अधूरा माना जाता है, जब तक घर में गाजर का हलवा नहीं बन जाता। गाजर के हलवे के बिना सर्दियों के मौसम का मज़ा अधूरा रहता है। बाज़ार भी ताज़ी और लाल गाजरों से भरे होते हैं। गाजर का हलवा परिवार में लगभग हर किसी को पसंद होता है। पूरा परिवार धूप सेकते हुए साथ बैठकर गाजर का हलवा खाता है। लेकिन अगर परिवार में किसी सदस्य को डायबिटीज़ हो, तो ऐसे में वह व्यक्ति गाजर का हलवा नहीं खा पाता। इसी वजह से आज हम आपको हलवा बनाने का ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं, जिससे आप इसे बिना शक्कर और गुड़ के बना सकते हैं।

Gajar Halwa: डायबिटीज़ में भी कैसे खाएं हलवा बिना डर?
गाजर का हलवा बनाने के लिए बाज़ार से लाई गई ताज़ी गाजरों को धोकर छील लें। इसके बाद कुकर में कटी हुई गाजर आधा कप दूध के साथ डालें और 5 से 6 सीटी आने दें। फिर 200 ग्राम पनीर लें और उसे कद्दूकस करके अलग रख लें। कुकर की गाजरों को अच्छी तरह मैश करें और एक कढ़ाही में निकाल लें। अब इसे तेज़ आंच पर तब तक पकाएँ, जब तक सारा पानी सूख न जाए। इसके बाद अपनी पसंद के ड्राई फ्रूट्स, जैसे पिसे हुए बादाम, हलवे में डालें और 5 से 7 मिनट तक अच्छी तरह भून लें।

मिठास का सीक्रेट: बिना शक्कर का खास उपाय
अब इसमें कद्दूकस किया हुआ पनीर डालें और अच्छी तरह मिक्स करें। इसके बाद आधा कप मिल्क पाउडर डालकर फिर से अच्छे से मिला लें। अब हलवे में मिठास लाने के लिए एक मिक्सर लें, उसमें एक टुकड़ा चुकंदर, आधा कप किशमिश और थोड़ा सा घी डालें। इन तीनों को अच्छे से पीस लें और तैयार मिश्रण को हलवे में डालकर लगभग 15 मिनट तक पकाएँ। आपका गरमागरम और स्वादिष्ट गाजर का हलवा बनकर तैयार है।
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