gas geyser death: शहर के गुरुकुल पुरम कॉलोनी में रविवार को एक दुखद घटना सामने आई। यहां एक सरकारी कर्मचारी हरजिंदर (42) और उनकी पत्नी रेनू सक्सेना (40) की गैस गीजर से दम घुटने से मौत हो गई। दोनों किराए के मकान में अकेले रहते थे। पुलिस ने बाथरूम का दरवाजा तोड़कर दोनों शव बाहर निकाले। पड़ोसियों ने बताया कि यह दंपति लव मैरिज करके रहते थे और उनकी कोई संतान नहीं थी।
DRDA कर्मचारी हरजिंदर और पत्नी की मौत
हरजिंदर जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) में चौथी श्रेणी के कर्मचारी थे। पत्नी रेनू हाल ही में हाथ टूटने के कारण प्लास्टर में थीं, जो 30 नवंबर को हटाया गया था। रविवार शाम हरजिंदर अपनी पत्नी को बाथरूम में नहला रहे थे, उसी दौरान गैस गीजर चालू था। शुरुआती जांच में आशंका है कि गैस गीजर से ऑक्सीजन कम होने के कारण दम घुट गया और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
gas geyser death: पुलिस ने बाथरूम का दरवाजा तोड़ा
घटना की सूचना मिलते ही शहर कोतवाल सत्येंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे पुलिस ने तोड़कर दोनों शव बाहर निकाले। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने बताया कि फॉरेंसिक और डॉग टीम भी जांच के लिए मौके पर पहुंची।
गीजर से कैसे होती है दम घुटने की स्थिति
विशेषज्ञों के अनुसार, गैस गीजर के बर्नर ऑक्सीजन की खपत करते हैं। इससे कार्बन डाई ऑक्साइड और जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस उत्पन्न होती है। बाथरूम में ऑक्सीजन की कमी से व्यक्ति बेहोश होकर बाहर निकलने की स्थिति में नहीं रहता और दम घुट सकता है।
पुराने गीज़र में बढ़ा हादसे का खतरा
सर्दियों के मौसम में कई घरों में पुराने गीजर उपयोग में हैं। नए मॉडलों में कटऑफ फीचर होता है, जो पानी गर्म होने पर गीजर को ऑटोमैटिक बंद कर देता है। लेकिन पुराने गीज़र में यह फीचर नहीं होता, जिससे लंबे समय तक गीजर चालू रहने पर हादसे का खतरा रहता है।
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