Ghaziabad News: गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित एक सोसायटी में शनिवार सुबह एक अजीबोगरीब घटना घटी, जब एक महिला ने अपने ही फ्लैट में पति को किसी दूसरी युवती के साथ देख लिया। महिला पिछले कुछ दिनों से मायके में अपने बेटे के साथ रह रही थी और जब वह घर लौटी, तो उसे यह ‘सरप्राइज एंट्री’ मिली, जिसने घर के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। सुबह करीब 7 बजे हुई इस घटना ने पति के होश उड़ा दिए और उसके बाद घर में करीब एक घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला, जो बाद में मारपीट में बदल गया।
युवती के साथ पकड़े जाने पर पति का हुआ गुस्सा
महिला को उम्मीद नहीं थी कि घर लौटते ही उसे इस तरह का खौफनाक दृश्य देखना पड़ेगा। जब उसने कमरे का दरवाजा खोला, तो सामने अपने पति और एक युवती को देख वह स्तब्ध रह गई। महिला ने तुरंत पति से युवती की मौजूदगी पर सवाल किए, लेकिन इसके बजाय मामला गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गया। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने इस घटना का विरोध किया, तो पति और युवती ने मिलकर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। घर में इस हंगामे को सुनकर आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और जल्द ही शोर मचने लगा।
Ghaziabad News: शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप
इस बीच, महिला ने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी और थाने में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिला का कहना था कि न केवल उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि मानसिक रूप से भी उसका उत्पीड़न किया गया। महिला ने पुलिस को यह भी बताया कि उसके पति ने उसकी बेवफाई के बारे में कई बार उसे झूठ बोलकर धोखा दिया था। फिलहाल, महिला की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पति और उसकी महिला मित्र के खिलाफ मामला दर्ज किया और दोनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दोनों पर शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया है। पति एक निजी कंपनी में काम करता है, और अब उसे अपनी इस हरकत के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और इस घटना के सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस ने आसपास के गवाहों से भी पूछताछ की है और जल्द ही मामले में और अपडेट जारी किया जाएगा।वहीं यह घटना समाज में बढ़ते पारिवारिक विवादों और घरेलू हिंसा की बढ़ती घटनाओं को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पारिवारिक रिश्तों में विश्वास का टूटना और हिंसा की घटनाएं आजकल सामान्य हो चुकी हैं, जिसके कारण न केवल मानसिक उत्पीड़न बढ़ता है, बल्कि कई बार ऐसी घटनाएं जानलेवा भी साबित हो सकती हैं।
Report BY: विभु मिश्रा
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