Home » उत्तर प्रदेश » यति नरसिंहानंद गिरी ने क्यों की ‘फांसी की मांग’? बोले- UGC एक्ट हिंदू समाज के लिए ‘मौत का फरमान’

यति नरसिंहानंद गिरी ने क्यों की ‘फांसी की मांग’? बोले- UGC एक्ट हिंदू समाज के लिए ‘मौत का फरमान’

नरसिंहानंद

UGC Act 2026: शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर और श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी को पुलिस ने उत्तराखंड जाने से रोक दिया। वह अपनी वर्ल्ड रिलिजियस कन्वेंशन की मुख्य संयोजक डॉ. उदिता त्यागी और अपने शिष्यों यति रणसिंहानंद, यति अभयानंद, यति धर्मानंद, मोहित बजरंगी और डॉ. योगेन्द्र योगी के साथ हरिद्वार जाने की योजना बना रहे थे।

सांकेतिक उपवास करने जा रहे थे नरसिंहानंद

महामंडलेश्वर और उनके समर्थक हरिद्वार में सर्वानंद घाट पर एक दिन का सांकेतिक उपवास करने जा रहे थे, जिसका उद्देश्य यूजीसी एक्ट के खिलाफ संत समाज के मौन के खिलाफ आवाज उठाना था। यह एक्ट उन्हें देश के लिए खतरनाक और विभाजनकारी मानते हैं। वह जब हरिद्वार के लिए निकले, तो उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर ही रोक लिया। पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह उत्तराखंड नहीं जा सकते।

यूजीसी एक्ट महाविनाशकारी षडयंत्र का हिस्सा

महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने इस कार्रवाई को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन करार दिया और इसका कड़ा विरोध किया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद, उनकी और उनके शिष्यों की किसी प्रकार की बात नहीं मानी गई। यति नरसिंहानंद गिरी ने इस मौके पर कहा, यह यूजीसी एक्ट एक महाविनाशकारी षडयंत्र का हिस्सा है, जो विशेष रूप से अरब देशों, खासकर संयुक्त अरब अमीरात द्वारा भारतीय समाज को प्रभावित करने के लिए तैयार किया गया है। उनका मानना है कि जब तक भारत में ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज का डीएनए नहीं बदला जाएगा, तब तक भारत का इस्लामीकरण संभव नहीं है।

यूपी उत्तराखंड बॉर्डर पर पुलिस यति नरसिंहानंद को रोकते हुए। - Dainik Bhaskar

महामंडलेश्वर ने आगे कहा कि यदि यह प्रक्रिया सफल हो जाती है, तो यह हिंदू समाज का “डेथ वारंट” होगा। उनका कहना था कि यह एक्ट हिंदू समाज को जातीय आधार पर आपस में लड़ाने का प्रयास है, जो हिंदू समुदाय को इस्लामी जिहाद से लोहा लेने की बजाय आपस में ही विभाजित कर देगा।

हिंदू समाज के एकजुट होने का समय

महामंडलेश्वर ने संत समाज से अपील करते हुए कहा कि इस षड्यंत्र पर मौन रहना सनातन धर्म के लिए एक गंभीर खतरे का संकेत है। उनका कहना था कि यह योजना समूचे हिंदू समाज को जातीय युद्ध की ज्वाला में झोंक देगी, और यदि संत समाज इस पर नहीं बोला, तो सनातन धर्म को बचाया नहीं जा सकेगा।

गाजियाबाद पुलिस ने भी किया था नजरबंद

आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं था जब महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी को पुलिस ने रोका। 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन भी उन्होंने यूजीसी एक्ट के विरोध में दिल्ली के जंतर मंतर पर प्राणदान करने का ऐलान किया था, लेकिन गाजियाबाद पुलिस ने शिवशक्ति धाम डासना को छावनी में तब्दील कर उन्हें मंदिर में ही नजरबंद कर दिया था।

ये भी पढ़े… साहिबाबाद में डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने अखिलेश को घेरा बोले- ​’यूपी में नामुमकिन है सपा की वापसी’