Ghooskhor Pandat Film Controversy: अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ अपने शीर्षक को लेकर विवादों में घिर गई है। देश के अलग-अलग वर्गों से इस नाम पर आपत्ति जताई जा रही है। राजनीतिक नेताओं और धार्मिक गुरुओं ने इसे समाज की भावनाओं को आहत करने वाला बताया है।
मनोज तिवारी बोले– विरोध स्वाभाविक
भारतीय जनता पार्टी के सांसद और कलाकार मनोज तिवारी ने कहा कि फिल्म के नाम का विरोध स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि किसी भी जाति या समुदाय के लिए इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि फिल्म के नाम या विषयवस्तु से किसी समाज विशेष की भावनाएं आहत होती हैं तो निर्माताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
Ghooskhor Pandat Film Controversy: आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया ‘पाप’
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘घूसखोर पंडत’ जैसा नाम रखना पाप के समान है। उनके अनुसार किसी समुदाय को जानबूझकर निशाना बनाकर फिल्म बनाना समाज में विभाजन की भावना को बढ़ावा देता है।
Ghooskhor Pandat Film Controversy: मौलाना सैफ अब्बास ने की प्रतिबंध की मांग
शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने भी फिल्म के शीर्षक पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि किसी धर्म या समुदाय को लक्ष्य बनाकर बनाई जा रही फिल्मों पर रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। उनका कहना है कि फिल्मों का उद्देश्य समाज को सकारात्मक संदेश देना होना चाहिए, न कि विवाद खड़ा करना।
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