Good Fat Benefits: आजकल लोगों की जिंदगी बहुत व्यस्त और कम सक्रिय हो गई है। इसी वजह से सेहत को लेकर लोग ज्यादा सतर्क रहने लगे हैं। वजन कम करने के चक्कर में आजकल दुनिया भर में ‘जीरो फैट’ डाइट का चलन बढ़ गया है। बहुत से लोग सोचते हैं कि अगर वे तेल और घी खाना पूरी तरह बंद कर देंगे, तो उनका वजन तेजी से कम हो जाएगा और शरीर स्वस्थ रहेगा। इसी सोच के कारण लोग तेल, घी और चिकनाई वाली चीजों को अपनी डाइट से लगभग हटा रहे हैं। बाजार में भी लो-फैट और जीरो-फैट प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ रही है, क्योंकि लोग इसे सेहतमंद विकल्प मान रहे हैं।

जीरो फैट डाइट क्यों नहीं है सही विकल्प?
लेकिन क्या सच में जीरो फैट डाइट शरीर के लिए अच्छी है? आयुर्वेद के अनुसार, पूरी तरह फैट से दूरी बनाना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अगर शरीर को जरूरी मात्रा में चिकनाई नहीं मिलती है, तो इसका असर मस्तिष्क और शरीर की कोशिकाओं पर पड़ सकता है। फैट सिर्फ शरीर को ऊर्जा देने का काम ही नहीं करता, बल्कि यह कोशिकाओं के बनने और उनके सही काम करने में भी मदद करता है। यहां यह समझना जरूरी है कि हम प्रोसेस्ड फूड या ज्यादा तले हुए खाने के ऑयल की बात नहीं कर रहे हैं। असल में शरीर के लिए अच्छे फैट की जरूरत होती है, जिसे सीमित मात्रा में देशी घी, कच्ची घानी सरसों का तेल, नारियल तेल, तिल का तेल, अखरोट, बादाम, अलसी के बीज, एवोकाडो और जैतून के तेल जैसे प्राकृतिक स्रोतों से लिया जा सकता है।

Good Fat Benefits: वसा में घुलने वाले विटामिन हैं जरूरी
जीरो फैट की सोच के विपरीत यह भी समझना जरूरी है कि शरीर के लिए तेल और चिकनाई का सीमित इस्तेमाल क्यों जरूरी है। हमारे शरीर में कुछ विटामिन ऐसे होते हैं जो वसा में घुलते हैं। इनमें विटामिन ए, डी, ई और के शामिल हैं। अगर शरीर में वसा की मात्रा बहुत कम हो जाती है, तो इन विटामिनों का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता और शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। इसलिए अगर आहार में फैट को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए, तो विटामिन की कमी होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
दिमाग और याददाश्त के लिए गुड फैट जरूरी
आमतौर पर लोग मानते हैं कि फैट का काम सिर्फ शरीर को ऊर्जा देना है, लेकिन यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। गुड फैट और ओमेगा-3 फैटी एसिड मस्तिष्क की कोशिकाओं यानी न्यूरॉन्स के बीच सही तरीके से जानकारी के आदान-प्रदान में मदद करते हैं। अगर शरीर में गुड फैट की कमी हो जाए, तो इससे दिमाग से जुड़े विकार होने की संभावना बढ़ सकती है। लंबे समय तक कम फैट लेने की आदत अल्जाइमर जैसी याददाश्त की बीमारी और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याओं का खतरा भी बढ़ा सकती है।

हार्मोन संतुलन के लिए गुड फैट जरूरी
फैट शरीर में हार्मोन बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है। शरीर के दो सबसे जरूरी हार्मोन टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन के निर्माण के लिए वसा की जरूरत होती है। खासकर महिलाओं के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अगर वे लंबे समय तक गुड फैट लेना बंद कर देती हैं, तो उन्हें मासिक धर्म और प्रजनन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सेहतमंद जीवन के लिए पूरी तरह फैट से दूरी बनाने के बजाय संतुलित मात्रा में अच्छे फैट को अपनी डाइट में शामिल करना ज्यादा सही माना जाता है।






