Hamirpur News: वित्तीय क्षेत्र में दावा रहित (Unclaimed Deposit) संपत्तियों के निपटान हेतु शुक्रवार को हमीरपुर के विकास भवन सभागार में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी अभियान “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” के तहत आयोजित किया गया। यह अभियान चरणबद्ध तरीके से देशभर में वित्तीय संपत्तियों की जांच और उन पर दावा करने के लिए लोगों को जागरूक करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस अभियान की शुरुआत 4 अक्टूबर 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गांधीनगर, गुजरात से की गई थी और यह 10 जनवरी 2026 तक पूरे देश में चलाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में यह अभियान राज्य के प्रमुख वित्तीय संस्थाओं के सहयोग एवं SLBC उत्तर प्रदेश के समन्वय से संचालित किया जा रहा है।
शिविर का क्या है उद्देश्य?
हमीरपुर में आयोजित आठवें चरण के इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनकी दावा न की गई वित्तीय संपत्तियों जैसे बैंक जमा राशि, बीमा भुगतान, म्यूचुअल फंड, लाभांश, और शेयरों का पता लगाने और उन पर दावा करने के लिए प्रेरित करना है।
शिविर का शुभारंभ करते हुए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्री अरुण कुमार सिंह ने कहा कि भारत सरकार की यह पहल आम जनता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस तरह के अभियान से आम जनता को उनकी जमा पूंजी वापस पाने में सुविधा होगी और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।
Hamirpur News: अधिक से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
शिविर में भारतीय रिजर्व बैंक, लखनऊ की अग्रणी बैंक अधिकारी सुश्री पल्लवी सोम ने बैंकों के जिला समन्वयकों से अपील की कि वे ऐसे मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। उन्होंने खाताधारकों को बताया कि वे भारतीय रिजर्व बैंक के उद्यम पोर्टल पर जाकर भी अपनी अनक्लेम्ड धनराशि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) ने बताया कि बैंक शाखा स्तर पर या स्वदेशीय कैम्प के माध्यम से यह अभियान 1 अक्टूबर से प्रारंभ हो चुका है और 10 जनवरी तक जारी रहेगा। इस दौरान कोई भी व्यक्ति अपनी दावा न की गई राशि का क्लेम प्रस्तुत कर सकता है।
कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों के 25 लाभार्थियों को उनके क्लेम की राशि प्राप्त करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इन लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बैंक और प्रशासन को धन्यवाद दिया कि इस पहल से उन्हें अपनी राशि वापस पाने में मदद मिली। शिविर में मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि, नाबार्ड के जिला प्रबंधक, सभी बैंकों के जिला समन्वयक और अन्य गणमान्य अतिथिगण मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन अग्रणी जिला प्रबंधक ने किया। यह अभियान सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है, जो विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को उनकी हक की संपत्ति दिलाने में मददगार साबित हो रहा है।







