Haryana News: हरियाणा के हिसार और पानीपत क्षेत्रों में उस समय सनसनी फैल गई जब पुलिस ने खुलासा किया कि एक महिला ने चार बच्चों को बेरहमी से मार डाला, जिनमें उसका अपना तीन वर्षीय बेटा भी शामिल था। यह घटना इतनी भयावह है कि परिवार और गांव के लोग यह मानने को तैयार नहीं कि एक मां इतनी निर्मम हो सकती है। पुलिस पूछताछ में आरोपी पुनम ने न तो पछतावा दिखाया और न ही किसी प्रकार का भावनात्मक प्रतिक्रिया दी, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।
हत्या की वजह: सुंदर बच्चों से ईर्ष्या?
जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि पुनम में मनोवैज्ञानिक प्रवृत्तियाँ देखी गई हैं। पूछताछ में उसने कहा कि उसे उन बच्चों से जलन होती थी जो उसे उसके अपने बच्चों से अधिक सुंदर लगते थे। इसी मानसिक विकार के चलते उसने एक-एक कर चार बच्चों की हत्या कर दी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उसने अपने बेटे शुभम की भी हत्या कर दी क्योंकि उसे डर था कि उसने एक हत्या देख ली है और वह उसे पकड़वा सकता है। सभी बच्चों को पानी के टब या ड्रम में डुबोकर मारने का क्रूर तरीका अपनाया गया। पुनम की मां सुनीता ने बताया कि उन्हें कभी अंदेशा नहीं था कि उनकी बेटी किसी मानसिक परेशानी से गुजर रही है। वह जब भी मायके आती थी, बिल्कुल सामान्य व्यवहार करती थी। सुनीता ने कहा कि काश उन्हें पहले पता होता तो शायद यह चार जानें बच सकती थीं। परिवार के लिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि एक शांत स्वभाव वाली महिला इतनी भयावह हरकत कर सकती है।
Haryana News: परिवार ने तांत्रिक प्रभाव और एकादशी से संबंध जोड़ा
इस घटना को लेकर पुनम के मायके और ससुराल दोनों पक्षों ने दावा किया कि इन हत्याओं के पीछे तांत्रिक या ओकल्ट प्रभाव हो सकता है। परिवार का कहना है कि चारों हत्याएं एकादशी के दिन हुईं, जिसे वे संयोग नहीं मानते। जिया के पिता दीपक ने कहा कि उनकी बेटी की मृत्यु 19 अगस्त 2025 को हुई, जिसे पहले दुर्घटना माना गया था, लेकिन अब पुलिस ने पुष्टि की है कि वह हत्या थी और वह दिन भी एकादशी था। परिवार ने यह भी बताया कि पुनम की ससुराल वाले लंबे समय से मानते थे कि वह किसी “आत्मिक प्रभाव” में है और इसी कारण उसे तांत्रिक के पास भी ले गए थे। कई लोगों ने दावा किया कि वह कभी-कभी अजीब आवाज़ों में बात करती थी।
तांत्रिक एंगल पूरी तरह खारिज
हालाँकि पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह नकार दिया है। पानीपत के एसपी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि तांत्रिक कोण की गहराई से जांच की गई, लेकिन किसी भी प्रकार का सबूत नहीं मिला। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह मामला ओकल्ट प्रथाओं से नहीं, बल्कि आरोपी की मानसिक बीमारी से जुड़ा हुआ है। पुनम पहले से दवा ले रही थी, लेकिन गाँव वालों ने उसकी समस्या को आत्मा का प्रभाव समझकर गलत दिशा में ले लिया।
Haryana News: गंभीर मानसिक विकार जिम्मेदार
हिसार के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि ऐसे अपराध गहरी मानसिक बीमारी और हार्मोनल असंतुलन के कारण हो सकते हैं, जो व्यक्ति की निर्णय क्षमता को प्रभावित करते हैं। डॉ. गुप्ता का कहना है कि यह मामला अत्यंत असामान्य है और उन्होंने 25 साल के अनुभव में ऐसा पैटर्न बहुत कम देखा है। उन्होंने सलाह दी कि परिवारों को ऐसे व्यवहारों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि समय पर इलाज कई हादसों को रोक सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को अक्सर बाहरी लोगों से कम, बल्कि अपने ही परिचितों से ज्यादा खतरा होता है।
गांव में दहशत
यह पूरे क्षेत्र को हिला देने वाली घटना अभी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस लगातार जांच कर रही है, जबकि परिजन सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। चार मासूम जिंदगियों की यह दर्दनाक कहानी मन को झकझोर देने वाली है और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी के गंभीर परिणामों को सामने रखती है।
लेखक: निशी शर्मा
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