Hijab Controversy: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने के मामले पर विवाद गहराता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री से बिना शर्त माफी की मांग की है।
SCBA की कड़ी प्रतिक्रिया और निंदा
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और कार्यकारी समिति की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह का व्यवहार अत्यंत निंदनीय है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह घटना एक महिला की व्यक्तिगत गरिमा पर सीधा आघात है और इसे किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
Hijab Controversy: गिरिराज सिंह की टिप्पणियों पर भी आपत्ति
एससीबीए ने न केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कृत्य की आलोचना की, बल्कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद द्वारा की गई टिप्पणियों की भी निंदा की है। एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियां महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं और समाज में गलत संदेश देती हैं।
संविधान और महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन
एसोसिएशन के अनुसार यह घटना भारत के संविधान में निहित समानता और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों के खिलाफ है। SCBA ने कहा कि युवा महिला डॉक्टर की एजेंसी, स्वायत्तता और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन हुआ है, जो महिलाओं के प्रति एक विकृत मानसिकता को दर्शाता है।
Hijab Controversy: 15 दिसंबर की घटना और सियासी घमासान
यह घटना 15 दिसंबर की है, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंप रहे थे। इसी दौरान हिजाब पहने एक महिला डॉक्टर जब पत्र लेने पहुंचीं तो पहले सीएम ने हिजाब हटाने को कहा और फिर अपने हाथ से हिजाब खींच दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देशभर में बहस छिड़ गई।
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