Hindu Panchang Friday: सनातन धर्म में पंचांग का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। पंचांग की मदद से न केवल पूजा-पाठ की सही विधि और समय पता चलता है, बल्कि रोज़मर्रा के कार्यों के लिए शुभ और अशुभ समय की जानकारी भी मिलती है। इसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि और नक्षत्र जैसे जरूरी विवरण होते हैं।
आज की तिथि नक्षत्र
6 फरवरी, शुक्रवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। इस दिन हस्त नक्षत्र रहेगा और चंद्रमा कन्या राशि में स्थित होंगे। यह संयोग कुछ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है, लेकिन किसी भी काम को करने से पहले राहुकाल और अन्य अशुभ समय को देखना जरूरी होता है।
पंचांग के पांच मुख्य अंग होते हैं: तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार। इन सभी का सही ज्ञान होने से व्यक्ति अपने कार्यों में सफलता पा सकता है। दृक पंचांग के अनुसार, कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 1 बजकर 18 मिनट से शुरू होकर 6 फरवरी की रात तक रहेगी। हस्त नक्षत्र दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से आरंभ होकर 7 फरवरी की रात तक रहेगा। इस दौरान चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेंगे।
शुक्रवार को सूर्योदय सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 4 मिनट पर होगा। इस दिन धृति योग सुबह 11 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। करण की बात करें तो कौलव करण दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा, इसके बाद तैतिल करण दोपहर 1 बजकर 18 मिनट से शुरू होकर 7 फरवरी तक चलेगा।

Hindu Panchang Friday: शुभ मुहूर्त का समय
शुभ कार्य करने के लिए सही मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 22 मिनट से 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक होगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 25 मिनट से 3 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। वहीं गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 2 मिनट से 6 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही अमृत काल शाम 6 बजकर 2 मिनट से 7 बजकर 44 मिनट तक माना गया है।
राहुकाल और अशुभ काल
धर्मशास्त्रों में बताया गया है कि अशुभ समय में किए गए कार्य सफल नहीं होते, इसलिए इन समयों से बचना चाहिए। शुक्रवार को राहुकाल सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। यमगंड दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से 4 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। वहीं गुलिक काल सुबह 8 बजकर 29 मिनट से 9 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इन समयों में शुभ कार्य करने की मनाही होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार का दिन विष्णुप्रिया माता को समर्पित होता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।
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