Hormuz Strait Tension: अमेरिका ने कहा है कि ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच वह होर्मुज जलडमरूमध्य को हर हाल में खुला रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा डालने की अनुमति नहीं देंगे।व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने जानकारी दी कि ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे अमेरिकी सैन्य अभियान “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” का एक प्रमुख उद्देश्य इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका की चेतावनी
दैनिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दोहराया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति लगातार जारी रहनी चाहिए, ताकि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की ऊर्जा जरूरतें बिना किसी रुकावट के पूरी होती रहें।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद करने की कोशिश करता है, तो उसे कड़ी सैन्य प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
लेविट के अनुसार, यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल या अन्य सामान की आवाजाही को रोकने की कोशिश करता है, तो दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना उससे भी अधिक सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक स्तर पर तेल की बड़ी मात्रा भेजी जाती है। यदि यहां किसी तरह की रुकावट आती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं और वैश्विक बाजार अस्थिर हो सकता है।
Hormuz Strait Tension: ईरान खतरे पर पहले से तैयारी
लेविट ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन को पहले से अंदेशा था कि संघर्ष के दौरान ईरान ऊर्जा बाजारों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है। इसी कारण सरकार ने पहले से कई तरह की सुरक्षा और वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार कर ली हैं।उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप को पहले से उम्मीद थी कि ईरान की सरकार वैश्विक बाजारों को प्रभावित करने का प्रयास कर सकती है।
इसी तैयारी के तहत अमेरिकी प्रशासन ने खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए भी कुछ कदम उठाए हैं। लेविट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ने खाड़ी में संचालित तेल टैंकरों को राजनीतिक जोखिम बीमा देने की पेशकश की है।

तेल आपूर्ति सुरक्षित रखने की तैयारी
इसके साथ ही संकट की स्थिति में तेल की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए अमेरिकी सरकार ने कुछ नियमों में अस्थायी राहत भी दी है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने तेल से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देने का फैसला किया है।
व्हाइट हाउस ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी नौसेना तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकालने के लिए उनके साथ चल सकती है।लेविट ने बताया कि प्रशासन इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा और ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए आगे के विकल्पों पर लगातार विचार कर रहा है।
ट्रंप टीम की बाजार पर नजर
उनके अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी ऊर्जा टीम बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख उद्योग नेताओं से बातचीत भी कर रहे हैं। इसके अलावा अमेरिकी सेना को भी निर्देश दिए गए हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए अतिरिक्त रणनीतियां तैयार रखी जाएं।व्हाइट हाउस ने बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर चिंतित अमेरिकी नागरिकों को भी भरोसा दिलाया है।
लेविट ने कहा कि हाल के दिनों में तेल और गैस की कीमतों में जो बढ़ोतरी देखी गई है, वह अस्थायी है। उनका कहना है कि इस सैन्य अभियान के लंबे समय में सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं और ईंधन की कीमतों में गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
Hormuz Strait Tension: मिशन पूरा होने पर घटेंगी कीमतें
उन्होंने कहा, “जब ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े लक्ष्य पूरी तरह पूरे हो जाएंगे, तब अमेरिका में तेल और गैस की कीमतों में तेजी से कमी आ सकती है। संभव है कि कीमतें इस अभियान के शुरू होने से पहले के स्तर से भी नीचे पहुंच जाएं।”
व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका ने “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” की शुरुआत ईरान की मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने, उसकी नौसैनिक ताकत को सीमित करने और तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के उद्देश्य से की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जोड़ने वाला एक अहम रास्ता है। दुनिया में समुद्र के रास्ते होने वाले तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। यही कारण है कि भारत, चीन, जापान और यूरोप जैसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देशों की अर्थव्यवस्थाएं भी इस मार्ग की सुरक्षा पर करीबी नजर रखती हैं।







