Hyderabad News: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के विरुद्ध कानूनी मोर्चा खोल दिया है। ओवैसी ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए असम के मुख्यमंत्री पर सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। यह पूरा विवाद भाजपा के असम राज्य इकाई के सोशल मीडिया हैंडल से साझा किए गए एक विवादास्पद वीडियो के बाद शुरू हुआ है।
Hyderabad News: लगाया हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप
सांसद ओवैसी का आरोप है कि भाजपा द्वारा साझा किए गए वीडियो में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को हथियारबंद दिखाया गया है, जहाँ वे मुस्लिम समुदाय के लोगों पर गोलियां चला रहे हैं। इस वीडियो में ‘पॉइंट ब्लैंक शूट’ और ‘नो मर्सी’ जैसे उग्र शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि भारी विरोध के बाद इस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया, लेकिन ओवैसी का कहना है कि यह वीडियो अभी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद है और समाज में नफरत फैलाने का काम कर रहा है।
I have lodged an official complaint with @CPHydCity demanding criminal action against Himanta Sarma for his (now deleted) violent video showing him shooting Muslims. Unfortunately, genocidal hate speech has become a norm. pic.twitter.com/o1OVUl6MWk
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) February 9, 2026
Hyderabad News: धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की शिकायत
अपनी शिकायत में ओवैसी ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री सरमा ने जानबूझकर और गलत इरादे से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को बताया कि इस तरह के चित्रण का उद्देश्य दो समुदायों के बीच दुश्मनी पैदा करना है, जो देश की एकता और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए बेहद हानिकारक है। ओवैसी ने इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए मांग की है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ तुरंत आपराधिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।
हेट स्पीच और सांप्रदायिक माहौल पर चिंता
ओवैसी ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि हाल के वर्षों में नफरत भरे भाषण और नरसंहार वाली भाषा का इस्तेमाल चिंताजनक रूप से बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री पिछले काफी समय से विभिन्न माध्यमों से मुस्लिम समुदाय के खिलाफ लगातार भड़काऊ बयान दे रहे हैं। ओवैसी के अनुसार, यह वीडियो उसी नफरत भरी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसे नजरअंदाज करना कानून व्यवस्था और सामाजिक शांति के लिए खतरनाक हो सकता है।
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