ICE Protest California: लॉस एंजिल्स, 11 जनवरी। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में कई शहरों में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) के खिलाफ बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए। राजधानी सैक्रामेंटो से लेकर सोनोरा और सैन फ्रांसिस्को से लॉस एंजिल्स तक लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया।
पिछले साल लगभग सभी राज्यों में हुए बड़े प्रदर्शन
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रदर्शनों का नाम “आईसीई आउट फॉर गुड” रखा गया था। इसका आयोजन कई संगठनों ने मिलकर किया, जिनमें अमेरिकन सिविल लिबर्टीज़ यूनियन और 50501 मूवमेंट शामिल थे। सिन्हुआ के अनुसार, इन संगठनों ने पिछले साल लगभग हर महीने अमेरिका के सभी 50 राज्यों में बड़े प्रदर्शन आयोजित किए थे।

ICE Protest California: बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हुए
लॉस एंजिल्स के पास स्थित पासाडेना शहर में सिटी हॉल के पास करीब 500 लोग इकट्ठा हुए। लोग कार के हॉर्न और तालियों के साथ विरोध जता रहे थे। प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे— “नो आईसीई, नो केकेके, नो फासीवादी अमेरिका।”
50501 मूवमेंट की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया कि साल 2025 में अब तक आईसीई की हिरासत में कम से कम 32 लोगों की मौत हो चुकी है।
दो गंभीर घटनाओं के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन
शनिवार को हुए ये प्रदर्शन दो हालिया घटनाओं के बाद हुए। पहली घटना मिनियापोलिस की है, जहां एक संघीय अधिकारी ने 37 साल की तीन बच्चों की मां रेनी गुड को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। दूसरी घटना ओरेगन के पोर्टलैंड शहर की है, जहां एक अधिकारी ने गोली चलाकर दो लोगों को घायल कर दिया।

निर्दोष महिला की मौत पर जताया शोक
प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता डायस एलन ने सिन्हुआ से कहा, “हम यहां यह बताने के लिए हैं कि इस देश को खुद को बदलने की जरूरत है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस विरोध में शामिल हों। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन एक निर्दोष महिला की मौत पर शोक जताने के लिए भी है, जिसने एक मकसद के लिए अपनी जान गंवाई।
आईसीई आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा
ऑस्ट्रेलिया से आई प्रवासी महिला प्रदर्शनकारी जेनी ने बताया कि उन्होंने मिनियापोलिस की घटना से जुड़े कई वीडियो देखे हैं। उन्होंने कहा कि आईसीई आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है और यह सभी प्रवासियों के लिए डर का कारण बन गया है।

जेनी ने कहा, “आईसीई को सड़कों से हटाया जाना चाहिए। यह एजेंसी अमेरिका के संविधान के अनुसार काम नहीं कर रही है और 14वें संशोधन समेत कई संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन कर रही है। देश में रहने वाले हर व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों की गारंटी होनी चाहिए।”
Written by- Yamini Yadav







