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बीजापुर के जंगल में माओवादियों का आईईडी हमला, ग्रामीण गंभीर घायल

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के लंकापल्ली जंगल में माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी धमाके में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल राजू मोदियामी ने दर्द और खून बहने के बावजूद सात किलोमीटर चलकर हेल्थ सेंटर तक पहुंचा। पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। हाल ही में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में छह माओवादियों को ढेर कर इलाके में सक्रियता कम की।
जंगल में IED धमाका

IED Blast Incident: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के लंकापल्ली जंगल इलाके में शुक्रवार को माओवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर-एक्टिवेटेड आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के फटने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

गलती से विस्फोट पर पैर

पुलिस के अनुसार, घायल व्यक्ति राजू मोदियामी था। वह घने जंगल से गुजरते समय आईईडी पर पैर रख बैठा, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके में उसकी दाहिनी एड़ी पूरी तरह टूट गई और पैर में गंभीर चोटें आईं।

भले ही खून बह रहा था और दर्द असहनीय था, मोदियामी ने हिम्मत नहीं हारी। वह लंगड़ाते हुए लगभग सात किलोमीटर चलकर पास के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पहुँचा। वहां के मेडिकल स्टाफ ने उसे प्राथमिक उपचार दिया और आगे के इलाज के लिए बीजापुर जिला अस्पताल भेजा।

IED Blast Incident: जंगल में IED धमाका
जंगल में IED धमाका

IED Blast Incident: नागरिकों के लिए खतरा

अस्पताल सूत्रों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर टूटी एड़ी और उससे जुड़ी अन्य चोटों का इलाज कर रहे हैं। वह फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में है और उसे आवश्यक देखभाल मिल रही है।

माओवादी नक्सल प्रभावित इलाकों में आम नागरिकों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। विद्रोही अक्सर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के साथ-साथ अनजाने में स्थानीय लोगों को नुकसान पहुँचाने के लिए आईईडी का इस्तेमाल करते हैं।

आदिवासी सबसे ज्यादा प्रभावित

बीजापुर के जंगल माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी के लिए हॉटस्पॉट माने जाते हैं। इन्हें आमतौर पर गश्त करने वालों पर घात लगाने या आवाजाही रोकने के लिए लगाया जाता है।

पुलिस और अधिकारियों ने लंकापल्ली जंगल में किसी भी अतिरिक्त आईईडी का पता लगाने और उसे निष्क्रिय करने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जान-माल का नुकसान रोकना है। ऐसे धमाके आदिवासी समुदायों के लिए विशेष रूप से खतरा हैं, जो जंगल के संसाधनों पर अपनी रोज़ी-रोटी निर्भर करते हैं।

IED Blast Incident: जंगल में IED धमाका
जंगल में IED धमाका

सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई

मोदियामी की कठिन यात्रा और सुरक्षित स्थान तक पहुँचने की हिम्मत की स्थानीय स्तर पर सराहना की गई। यह मुश्किलों में इंसान की सहनशक्ति का उदाहरण है।

हाल ही में सुरक्षा बलों को भी एक बड़ी सफलता मिली। बीजापुर जिले में हुई एक भीषण मुठभेड़ में चार महिला कैडर समेत छह माओवादी मारे गए। इस ऑपरेशन में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी), कोबरा और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया, जिससे इलाके में माओवादी गतिविधियों को बड़ा झटका लगा।

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