India Finland Trade: भारत और फिनलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार में वित्त वर्ष 2026 की अप्रैल-दिसंबर अवधि में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा भी घटकर अधिक संतुलित स्तर पर आ गया है। यह जानकारी गुरुवार को जारी रुबिक्स डेटा साइंसेज की एक रिपोर्ट में दी गई।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत का निर्यात इस वृद्धि का प्रमुख कारण रहा है, जो सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की भारत यात्रा से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिल सकती है।
निर्यात में तेज बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार भारत से फिनलैंड को होने वाला निर्यात पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है।
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FY22: लगभग 30 करोड़ डॉलर
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FY24: लगभग 60 करोड़ डॉलर
दूसरी ओर फिनलैंड से भारत का आयात FY22 से FY25 के बीच 800 से 900 करोड़ डॉलर के आसपास स्थिर बना रहा।
India Finland Trade: व्यापार घाटा हुआ कम
हाल के वर्षों में भारत का फिनलैंड के साथ व्यापार घाटा घटकर 300-400 करोड़ डॉलर के बीच रह गया है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन बेहतर हुआ है।
India Finland Trade: निर्यात बास्केट में आया बदलाव
रिपोर्ट के अनुसार भारत के निर्यात ढांचे में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
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हेटेरोसाइक्लिक कंपाउंड का हिस्सा 1% से बढ़कर 28% हो गया और यह सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी बन गया।
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यात्री और मालवाहक जहाजों का हिस्सा बढ़कर 10% हो गया।
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वहीं फार्मा उत्पादों का हिस्सा 18% से घटकर 12% रह गया।
आयात संरचना में भी बदलाव
फिनलैंड से आयात में भी विविधता आई है।
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नाइट्रोजन उर्वरक का हिस्सा 28% से घटकर 19% हो गया।
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इलेक्ट्रॉनिक इंटीग्रेटेड सर्किट 15% पर स्थिर रहे।
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विद्युत ट्रांसफार्मर का हिस्सा 3% से बढ़कर 5% हो गया।
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वहीं रासायनिक लकड़ी लुगदी का व्यापार 1% से बढ़कर 4% हो गया।
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