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भारत ने स्वास्थ्य सेवाओं में AI को किया शामिल, इलाज और पहुंच में आई क्रांति

भारत में स्वास्थ्य सेवा सुधार से बेहतर इलाज और डॉक्टरों की कमी दूर हुई। ई-संजीवनी सेवा से करोड़ों लोगों को सलाह और इलाज मिला। टीबी के गंभीर मामले कम हुए। स्वास्थ्य प्रणाली अब कैंसर, आयुर्वेद और वन हेल्थ प्रोग्राम तक फैली है। नई तकनीक से सेवाएं सस्ती और आसान हुईं।
इंडियाएआई मिशन से स्वास्थ्य क्रांति

AI Health Innovation: एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को बताया गया कि भारत ने अपनी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार किया है। अब देश ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को स्वास्थ्य प्रणाली में शामिल किया है। इसका मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों की कमी को पूरा करना और लोगों तक बेहतर इलाज पहुँचाना है।

AI टूल्स से जांच में सुधार

सरकार ने नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम, नेशनल डायबिटिक रेटिनोपैथी स्क्रीनिंग प्रोग्राम और बीमारी निगरानी सिस्टम में एआई टूल्स का उपयोग शुरू कर दिया है। इसके चलते अब ऐसे स्वास्थ्यकर्मी भी जांच कर पा रहे हैं जो विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। इसका नतीजा यह हुआ कि टीबी के गंभीर मामलों में 27% की कमी आई है और 4,500 से ज्यादा बीमारी फैलने के अलर्ट समय पर मिल चुके हैं।

AI Health Innovation: इंडियाएआई मिशन से स्वास्थ्य क्रांति
इंडियाएआई मिशन से स्वास्थ्य क्रांति

AI Health Innovation: कैंसर और आयुर्वेद में सुधार

ई-संजीवनी सेवा के माध्यम से यह बदलाव और अधिक प्रभावशाली बना है। इस ऑनलाइन सेवा के जरिए अब तक 28.2 करोड़ से ज्यादा लोगों को सलाह और इलाज मिल चुका है। एआई की मदद से बीमारी की पहचान करना और सही इलाज तय करना आसान हो गया है।

इसके अलावा, कुपोषण पर निगरानी रखने के लिए उद्योग यंत्र एआई सिस्टम का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अब भारत का स्वास्थ्य सिस्टम केवल संक्रामक बीमारियों तक सीमित नहीं है। यह कैंसर के इलाज, आयुर्वेद जैसी पारंपरिक चिकित्सा के आधुनिकीकरण और नेशनल वन हेल्थ प्रोग्राम तक फैल चुका है।

दवाइयों और इलाज की गुणवत्ता बढ़ी

भारत 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली में ग्लोबल साउथ का पहला अंतरराष्ट्रीय एआई शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा। इसमें दुनिया भर के नेता, नीति निर्माता, टेक्नोलॉजी कंपनियां और विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस सम्मेलन में एआई से जुड़ी नीतियों, रिसर्च, उद्योग और आम लोगों की भागीदारी पर चर्चा होगी।

सरकार के अनुसार, एआई की मदद से स्वास्थ्य सेवाओं की कमी दूर हो रही है। इससे दवाओं और मेडिकल उपकरणों की गुणवत्ता बेहतर हो रही है और इलाज सस्ता और आसान बन गया है। एआई के उपयोग से बीमारी की जल्दी पहचान, सही इलाज का निर्णय और दूरदराज के इलाकों में इलाज संभव हो पा रहा है।

इंडियाएआई मिशन से स्वास्थ्य क्रांति

मार्च 2024 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘IndiAI Mission’ को मंजूरी दी। इसके लिए 10,371.92 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इस मिशन का लक्ष्य एआई के माध्यम से देश के सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

सरकार ने बताया कि इस मिशन के तहत ‘इंडियाएआई एप्लिकेशन डेवलपमेंट इनिशिएटिव’ नाम की योजना भी चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य ऐसी एआई तकनीक तैयार करना है जो देश की बड़ी समस्याओं का समाधान कर सके। उन्नत और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं इसी पहल का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम हैं।

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