India Nepal Relations: नेपाल के पश्चिमी शहर पोखरा में हाल ही में भारत और नेपाल के अधिकारियों की दो-दिवसीय बैठक हुई। इस बैठक में नेपाल को पड़ोसी भारतीय राज्यों बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से 350 मेगावाट तक बिजली खरीदने की मंजूरी मिल गई।
नेपाल बरसात के मौसम में भारत को बिजली बेचता है, लेकिन सर्दियों में उसकी अपनी पनबिजली परियोजनाएँ कम उत्पादन करती हैं, इसलिए उसे भारत से बिजली खरीदनी पड़ती है। यह समस्या मुख्य रूप से ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ पनबिजली प्रोजेक्ट्स की सीमित क्षमता के कारण होती है।
पीईसी बैठक में बिजली दर 1.5% बढ़ी
बैठक में पावर एक्सचेंज कमेटी (पीईसी) ने तय किया कि नेपाल भारत से खरीदी जाने वाली बिजली की दर 1.5% बढ़ाई जाएगी। इस कमेटी में नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (एनईए) और भारत का सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (सीईए) शामिल हैं। इस समझौते से नेपाल को सर्दियों में भारतीय राज्यों से बिजली निरंतर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

नई दरों के अनुसार, 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन के माध्यम से खरीदी जाने वाली बिजली की दर एनपीआर 8.22 प्रति यूनिट होगी। वहीं, 33 केवी लाइन पर दर एनपीआर 8.91 प्रति यूनिट और 11 केवी लाइन पर एनपीआर 9.55 प्रति यूनिट तय की गई है। यह दरें एक साल तक लागू रहेंगी।
India Nepal Relations: नेपाल को बिजली आपूर्ति में राहत
एनईए को उम्मीद है कि इस समझौते से मार्च और अप्रैल के सूखे महीनों में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में आसानी होगी।बैठक में नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एनईए के प्रबंध निदेशक हितेन्द्र देव शाक्य ने किया, जबकि भारतीय पक्ष का नेतृत्व विजय कुमार सिंह ने किया।
शाक्य ने बताया कि यह बढ़ी हुई दर केवल तब लागू होगी जब नेपाल इस विशेष व्यवस्था के तहत बिजली खरीदेगा। अगर भारत के खुले पावर एक्सचेंज में कीमत कम रहती है, तो नेपाल वहीं से बिजली खरीदना जारी रख सकता है। लेकिन यदि वहाँ पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं होगी, तो नेपाल पीईसी व्यवस्था के तहत 350 मेगावाट तक बिजली ले सकता है।
भारत से रोजाना बिजली आयात जारी
फिलहाल, एनईए रोजाना लगभग 12,000–14,000 मेगावाट-घंटे बिजली भारत से आयात कर रहा है। सूखे मौसम में मांग बढ़ने पर यह मात्रा और अधिक हो सकती है।
एनईए ने यह भी बताया कि इजरायल-ईरान संघर्ष और पश्चिम एशिया के अन्य युद्धों के कारण क्षेत्रीय ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।इसलिए, भारत के साथ समय पर हुआ यह समझौता नेपाल में बिजली की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में बेहद मददगार साबित होगा।
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