Iran US War Updates: ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका पर अब उसका भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ उनके पिछले अनुभव अच्छे नहीं रहे और अब उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने 2015 के परमाणु समझौते का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिका पहले भी इस डील से पीछे हट चुका है, इसलिए किसी नई बातचीत पर भरोसा करना मुश्किल है। अराघची ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान तो हो रहा है, लेकिन इसे बातचीत नहीं कहा जा सकता।

ट्रम्प का दावा: युद्ध जल्द खत्म हो सकता है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अगले दो से तीन हफ्तों में खत्म हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने अपने उद्देश्य को हासिल कर लिया है और ऑपरेशन अंतिम चरण में है। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में ट्रम्प ने बताया कि अमेरिका का मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था, और यह लक्ष्य अब पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर समझौता होता, तो युद्ध पहले ही खत्म हो सकता था।

Iran US War Updates: मध्य पूर्व को भारी आर्थिक नुकसान
यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन गया है। UNDP की रिपोर्ट के अनुसार यह संघर्ष अब केवल कुछ देशों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि पूरे इलाके की आर्थिक स्थिति पर संकट बन चुका है। क्षेत्र की GDP 3.7 प्रतिशत से लेकर 6 प्रतिशत तक गिर सकती है और लगभग 18 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है। इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही 70 प्रतिशत से अधिक घट गई है, तेल की कीमत लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, और 16 लाख से 36 लाख नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है।
ईरान की कड़ी चेतावनी
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जमीनी हमला किया गया तो ईरान पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी स्थिति का सामना करने में सक्षम है और खुद जमीनी युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो वह उसका जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने अमेरिका को चेताया कि इस तरह की गलती भारी पड़ सकती है और ईरान अपनी सुरक्षा करना अच्छी तरह जानता है।

Iran US War Updates: लेबनान में इजराइल का ड्रोन गिरा
दक्षिणी लेबनान में इजराइल का एक ड्रोन मार गिराया गया है। इजराइली सेना के अनुसार यह ड्रोन जमीनी ऑपरेशन में सैनिकों की मदद के लिए इस्तेमाल हो रहा था। ड्रोन को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाया गया और इसके गिरने के बाद किसी भी संवेदनशील जानकारी के लीक होने का खतरा नहीं है।
फार्मास्युटिकल प्लांट पर हमला
ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल ने तेहरान के टोफिघ दारू फार्मास्युटिकल प्लांट पर हमला किया। अधिकारियों के मुताबिक यह प्लांट अस्पतालों और ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल होने वाली दवाओं का अहम स्रोत था। हमले से उत्पादन और रिसर्च यूनिट को गंभीर नुकसान हुआ है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इसे युद्ध अपराध करार दिया। इजराइल ने दावा किया कि उसने एक रिसर्च सेंटर को निशाना बनाया था जो कथित रूप से केमिकल गतिविधियों से जुड़ा था, लेकिन इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया।

Iran US War Updates: तेहरान पर अमेरिका-इजराइल का हमला
अमेरिका और इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर हमला किया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगातार धमाके हुए, जिसके बाद एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया गया। अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान के सेंट्रल और बाहरी इलाकों में लगातार विस्फोट होने से पूरे शहर में दहशत फैल गई। आम लोगों में गुस्सा और नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन हमलों में नागरिक इलाकों और सुविधाओं को निशाना बनाया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। नागरिकों ने सरकार से कड़ी जवाबी कार्रवाई की मांग की है।
ईरान की 18 अमेरिकी कंपनियों को चेतावनी
ईरान ने गूगल और एप्पल सहित कुल 18 बड़ी अमेरिकी कंपनियों के क्षेत्रीय कार्यालयों पर हमले की चेतावनी दी है। ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने इन कंपनियों को लेकर सख्त बयान जारी किया है। उनका कहना है कि इन कंपनियों ने ईरान के खिलाफ चल रहे दुश्मनी भरे अभियानों में भूमिका निभाई है, इसलिए उनके रीजनल ऑफिस निशाने पर हो सकते हैं।
जासूसी और ऑपरेशन्स में मदद का आरोप
ईरान के सरकारी मीडिया चैनल प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने जासूसी गतिविधियों के जरिए ईरान के भीतर अमेरिकी और इजराइली ऑपरेशन्स को सहायता दी। ईरान का कहना है कि इन गतिविधियों के कारण उसकी सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है।
IRGC ने चेतावनी देते हुए कहा है कि संबंधित कंपनियों को संभावित जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए। सैन्य संगठन के अनुसार, यह कार्रवाई 1 अप्रैल को ईरान के स्थानीय समय के अनुसार रात 8 बजे से शुरू हो सकती है और इसे बेहद विनाशकारी बताया गया है।
Iran US War Updates: ब्लैकलिस्ट में कई बड़ी वैश्विक कंपनियां
ईरान द्वारा जारी की गई इस लंबी सूची में दुनिया की कई बड़ी और प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी तथा इंडस्ट्रियल कंपनियों के नाम शामिल हैं।इस सूची में एप्पल, गूगल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा HP, इंटेल, IBM और सिस्को जैसी हार्डवेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के नाम भी बताए गए हैं।साथ ही टेस्ला, एनवीडिया, ऑरेकल, जेपी मॉर्गन और बोइंग जैसी अन्य प्रमुख वैश्विक कंपनियां भी इस सूची में शामिल बताई गई हैं।
एक घंटे में तीसरा मिसाइल हमला
ईरान ने इजराइल पर एक घंटे के अंदर तीसरी बार मिसाइल हमला किया है। इजराइली सेना के अनुसार, देश की ओर फिर से मिसाइलों की एक और खेप दागी गई है।सेना ने बताया कि इतने कम समय में यह तीसरा हमला है, जिससे हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।लगातार हो रहे इन हमलों के बाद इजराइल का एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत सक्रिय कर दिया गया है। मिसाइलों को हवा में ही रोकने की कोशिश की जा रही है।इन हमलों के बीच कई इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।







