Iran vs Us war: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान की सैन्य कमान ‘खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ ने साफ कहा है कि यदि अमेरिका उसके पावर प्लांट्स पर हमला करता है, तो इसका जवाब बेहद सख्ती से दिया जाएगा। ईरान ने संकेत दिया कि ऐसे में उन देशों के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर ‘स्मार्ट कंट्रोल’ का दावा
ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं है, बल्कि उसके “स्मार्ट नियंत्रण” में है। यहां से जहाजों की आवाजाही नियमों के तहत जारी है। हालांकि, ईरान ने चेताया कि यदि हालात बिगड़ते हैं, तो वह इस मार्ग को पूरी तरह बंद कर सकता है।
Iran vs Us war: जवाबी कार्रवाई में बड़े हमलों के संकेत
ईरानी बयान में कहा गया है कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो इजरायल की ऊर्जा, बिजली और संचार व्यवस्था पर बड़े पैमाने पर हमले किए जा सकते हैं। साथ ही, उन कंपनियों और देशों को भी निशाना बनाया जा सकता है, जिनमें अमेरिकी निवेश है या जहां अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है।
ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोलता, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट्स पर हमला करेगा और उन्हें “पूरी तरह तबाह” कर देगा।
Iran vs Us war: वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ा खतरा
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल आपूर्ति होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव न सिर्फ मध्य पूर्व, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
हालात पर दुनिया की नजर
मौजूदा हालात तेजी से बदल रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस टकराव पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह विवाद कूटनीति से सुलझता है या फिर संघर्ष और गहराता है।
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