IRCTC Hotel Scam: दिल्ली हाईकोर्ट सोमवार, 19 जनवरी को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं के जरिए लालू परिवार ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कथित आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप तय करने के निर्देश दिए गए थे। ये मामले न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा की एकल पीठ के समक्ष सूचीबद्ध हैं।
ट्रायल कोर्ट के आदेश को दी गई चुनौती
लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं में कहा है कि ट्रायल कोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों का सही मूल्यांकन किए बिना उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए। राबड़ी देवी का तर्क है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप केवल अनुमान पर आधारित हैं, जबकि तेजस्वी यादव ने कहा है कि अभियोजन पक्ष कोई ठोस प्रथम दृष्टया मामला नहीं बना पाया।
IRCTC Hotel Scam: पहले ही CBI को जारी हो चुका है नोटिस
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं पर सीबीआई को नोटिस जारी किया था। न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा ने निर्देश दिया था कि इन याचिकाओं पर लालू प्रसाद यादव की याचिका के साथ संयुक्त रूप से सुनवाई की जाए, ताकि पूरे मामले पर एक साथ विचार हो सके।
क्या है आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामला?
यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल में आईआरसीटीसी के दो होटलों को तय नियमों का पालन किए बिना पट्टे पर दिया गया। इनमें से एक होटल प्रेम गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता को आवंटित किया गया था। अभियोजन के अनुसार, इसके बदले लालू परिवार ने बेनामी कंपनी के जरिए तीन एकड़ की कीमती जमीन हासिल की। हालांकि, लालू यादव ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी थी और उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है।







