6,000 करोड़ के बजट से 43 संस्थानों में मिशन लागू
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि नेशनल क्वांटम मिशन के लिए लगभग 6,000 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। यह मिशन देश के 17 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 43 प्रमुख संस्थानों में लागू किया जा रहा है। इसे चार मुख्य क्षेत्रों—क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन, क्वांटम सेंसिंग व मेट्रोलॉजी, और क्वांटम मैटेरियल्स व डिवाइसेज—में विभाजित किया गया है।
Jitendra Singh: 8 वर्षों में क्वांटम तकनीक में आत्मनिर्भर भारत
आंध्र प्रदेश में ‘अमरावती क्वांटम वैली’ के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि अगले आठ वर्षों में 1,000 फिजिकल क्यूबिट्स वाला क्वांटम कंप्यूटर विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही लंबी दूरी के सुरक्षित क्वांटम संचार और शहरों के बीच 2,000 किमी तक क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्वांटम तकनीक अब विकल्प नहीं, बल्कि रणनीतिक आवश्यकता बन चुकी है।
डबल इंजन मॉडल से विकास को मिली गति
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आंध्र प्रदेश में पिछले एक साल में हुए तेज विकास केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग का परिणाम है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘डबल इंजन मॉडल’ कहा जाता है। उन्होंने विशाखापट्टनम स्थित नेशनल सेंटर फॉर ओशन साइंसेज का उदाहरण देते हुए बताया कि वर्षों से लंबित परियोजनाओं को मौजूदा सरकार ने कुछ ही महीनों में पूरा कर दिखाया।
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