Kerala News: केरल के कन्नूर ज़िले में स्थित श्री थिरुवरक्कट्टू भगवती मंदिर अपनी एक बेहद अलग और अनोखी धार्मिक परंपरा के लिए जाना जाता है। भारत में जहां ज़्यादातर हिंदू मंदिरों में देवी-देवताओं को फल, मिठाई या अन्य सात्विक भोग अर्पित किया जाता है, वहीं इस मंदिर में देवी भगवती को भोग के तौर पर Pepper Chicken चढ़ाया जाता है। पूजा के बाद यही पेपर चिकन भक्तों में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।
Kerala News: देवी भगवती को क्यों चढ़ता है नॉन-वेज भोग
मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार देवी भगवती यहां ग्राम देवी और शक्तिस्वरूपा के रूप में पूजी जाती हैं। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि देवी को Pepper Chicken अत्यंत प्रिय है और यह परंपरा सदियों पुरानी है। यही कारण है कि आज भी विशेष पूजा और अवसरों पर देवी को यह भोग अर्पित किया जाता है।
Kerala News: पूजा के बाद भक्तों को मिलता है अनोखा प्रसाद
देवी को भोग लगाने के बाद उसी Pepper Chicken को प्रसाद के रूप में भक्तों के बीच बांटा जाता है। श्रद्धालु इसे पूरी आस्था और सम्मान के साथ ग्रहण करते हैं। भक्तों का मानना है कि इस प्रसाद से देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं आमतौर पर यह माना जाता है कि हिंदू धर्म में नॉन-वेज को पूजा-पाठ से दूर रखा जाता है, लेकिन भारत की लोक परंपराएं इससे कहीं अधिक विविध हैं। केरल के अलावा पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा जैसे राज्यों में भी कई मंदिर हैं, जहां देवी को मछली या मांस का भोग चढ़ाया जाता है। पश्चिम बंगाल के कई शक्ति मंदिरों में मछली का भोग आज भी परंपरा का हिस्सा है।
Kerala News: दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु
कन्नूर के इस मंदिर की अनोखी मान्यता के कारण यहां दूर-दराज़ से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। भक्तों का कहना है कि देवी को Pepper Chicken का भोग चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, रोग-दोष दूर होते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।आस्था का अनोखा स्वरूपश्री थिरुवरक्कट्टू भगवती मंदिर यह साबित करता है कि भक्ति का कोई एक तय रूप नहीं होता। कहीं देवी को मिठाई प्रिय होती है, तो कहीं मसालेदार Pepper Chicken। अंततः आस्था, विश्वास और परंपरा ही किसी भी पूजा का सबसे बड़ा आधार होती है।
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