Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद की पलिया तहसील में कंबल वितरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब देर रात एक ऑटो पर बिना किसी स्पष्ट रिकॉर्ड के पांच गांठ कंबल ले जाए जाते हुए देखे गए। इस घटना ने सरकारी राहत सामग्री के वितरण में संभावित अनियमितताओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
रात के अंधेरे में कंबलों का परिवहन
सूत्रों के अनुसार, देर रात एक ऑटो में पांच बड़े गट्ठर कंबल लादकर ले जाए जा रहे थे। जब ऑटो चालक से कंबलों के स्रोत और गंतव्य के बारे में पूछा गया, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि सरकारी रजिस्टर में न तो कंबलों की निकासी दर्ज थी और न ही उन्हें ले जाने वाले व्यक्ति का कोई नाम अंकित था।
Lakhimpur Kheri: लेखपाल को मिली थी 25 कंबलों की अनुमति
सूत्रों का दावा है कि एक स्थानीय लेखपाल को जरूरतमंदों के बीच वितरण के लिए 25 कंबलों की अनुमति दी गई थी। हालांकि, बिना कागजी प्रक्रिया और रात के समय कंबलों के परिवहन ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गरीबों के लिए आए कंबलों में गबन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
एसडीएम पलिया का पक्ष
इस मामले में एसडीएम पलिया ने सफाई देते हुए कहा कि कंबल वितरण पूरी तरह नियमों के अनुसार किया जा रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई है। एसडीएम ने यह भी आरोप लगाया कि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप मुनरो द्वारा सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। साथ ही प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि मामले के दौरान एक रिक्शा चालक के साथ मारपीट की गई, जिसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। एसडीएम ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, हालांकि वीडियो की सत्यता की पुष्टि ‘खबर इंडिया’ (संस्थान का नाम) नहीं करता है। यह खबर पूर्णतः सूत्रों से मिली जानकारी और मौके पर देखी गई परिस्थितियों पर आधारित है।
Report By: Sanjay Kumar
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