Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी जनपद के निघासन क्षेत्र में आयोजित मेले को लेकर एक बार फिर गंभीर आरोप लगने का मामला सामने आया हैं। स्थानीय सूत्रों और वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि मेले में कथित तौर पर खुलेआम जुए का खेल चल रहा है, जिसमें नाबालिग बच्चों की संलिप्तता भी बताई जा रही है। आरोप है कि “10 लगाओ, 100 ले जाओ” जैसे लालच भरे खेलों के जरिए बच्चों और युवाओं को जुए की ओर आकर्षित किया जा रहा है।
किस्मत आजमाने के नाम पर लगवाए जा रहे पैसे
सूत्रों के अनुसार, यह कथित जुआ गतिविधि पुलिस की मौजूदगी और प्रशासनिक निगरानी के बावजूद संचालित हो रही है। आरोप लगाने वालों का कहना है कि मेले में कई ऐसे स्टॉल लगाए गए हैं, जहां किस्मत आजमाने के नाम पर पैसे लगवाए जा रहे हैं और जीत-हार का खेल खेलाया जा रहा है। इन गतिविधियों में नाबालिगों की भागीदारी को लेकर अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने भी चिंता जताई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मेले के कथित मुख्य आयोजक के.के. मौर्य के संरक्षण में यह गतिविधियां संचालित हो रही हैं। दावा किया जा रहा है कि आयोजक या उससे जुड़े लोग जुए से कमीशन वसूल रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। आयोजकों की ओर से अभी तक इस विषय पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Lakhimpur Kheri: वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
वहीं, पुलिस प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जुए की यह कथित गतिविधि पुलिस की “नाक के नीचे” चल रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। कुछ स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। मेले को अनुमति दिए जाने की प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, एसडीएम कार्यालय से मेला आयोजन की अनुमति दी गई थी। इसके बाद भी यदि अवैध गतिविधियां हो रही हैं, तो उनकी निगरानी और रोकथाम की जिम्मेदारी किसकी है, यह सवाल उठाया जा रहा है। आरोपों में एसडीएम राजीव निगम का नाम भी लिया जा रहा है, हालांकि यह सभी आरोप कथित हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी संबंधित अधिकारियों पर विभिन्न मामलों में आरोप लगते रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इन दावों को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्रशासन की चुप्पी से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब जुए से जुड़े कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। वीडियो के सामने आने के बाद आम जनता यह जानना चाहती है कि पुलिस और प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करेंगे। सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि यदि मेले में अवैध गतिविधियां हो रही हैं, तो तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, विशेषकर नाबालिगों को जुए से दूर रखने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं।
फिलहाल, प्रशासन की ओर से जांच या कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अब देखने वाली बात यह होगी कि वायरल वीडियो और स्थानीय दबाव के बाद पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारी क्या कदम उठाते हैं। जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी या नहीं।
Report By: संजय कुमार राठौर







