Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ बिजली विभाग के एक कर्मचारी की मौत के बाद विभाग में भारी हड़कंप मच गया है। गढ़ी पावर हाउस में तैनात टीजी–2 कर्मचारी रामगोपाल राणा की हार्ट अटैक से हुई आकस्मिक मौत ने विभागीय कार्यप्रणाली और उच्चाधिकारियों की संवेदनहीनता को बेनकाब कर दिया है।
देर रात तक मीटिंग और वसूली का जानलेवा दबाव
मृतक रामगोपाल राणा के साथी कर्मचारियों ने विभाग के अधीक्षण अभियंता (AC) पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बिजली विभाग के एसी (AC) द्वारा बकाया बिल वसूली को लेकर रामगोपाल पर लगातार अमानवीय दबाव बनाया जा रहा था। विभागीय लोगों का कहना है कि मौत से पहली रात तक रामगोपाल को मीटिंग में बिठाकर प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि विभागीय प्रताड़ना के कारण रामगोपाल गहरे सदमे (Shock) में आ गए थे, जिसके बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी जान चली गई। कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि यह प्राकृतिक मौत नहीं, बल्कि सिस्टम द्वारा किया गया मानसिक उत्पीड़न है।

Lakhimpur Kheri: कर्मचारियों ने किया डीएम कार्यालय का घेराव
रामगोपाल राणा की मौत की खबर फैलते ही बिजली विभाग के कर्मचारियों में गुस्से की लहर दौड़ गई। आक्रोशित कर्मचारियों ने एकजुट होकर लखीमपुर की सड़कों पर प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में पहुंचे कर्मचारियों ने कोतवाली सदर को घेर लिया और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की मांग की। इसके बाद भड़के कर्मचारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राजस्व वसूली के नाम पर छोटे कर्मचारियों का मानसिक शोषण बंद होना चाहिए।
अधिकारियों के आश्वासन पर शांत हुआ प्रदर्शन
हंगामे और बढ़ते तनाव को देखते हुए जनपद के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को शांत कराते हुए भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और प्रताड़ना के दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों/अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही होगी। जनपद के उच्चाधिकारियों के इस लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद ही कर्मचारियों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। वहीं रामगोपाल राणा की मौत ने बिजली विभाग के भीतर चल रहे तनावपूर्ण कार्य वातावरण की पोल खोल दी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति करता है या वास्तव में उन अधिकारियों पर गाज गिरती है जो अपने मातहतों को मौत की दहलीज तक पहुँचा रहे हैं।
Report BY: संजय कुमार राठौर







