Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी जिले के गोला बाईपास रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। कुछ महीनों पहले डिलीवरी के दौरान एक प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठे थे। विवाद के बाद जिस ‘लाइफ लाइन हॉस्पिटल’ को बंद कर दिया गया था, वह अब नाम बदलकर ‘लखनऊ मेडिकल सेंटर’ के रूप में उसी बिल्डिंग में संचालित हो रहा है।
अब पढ़े क्या है मामला…
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह मामला निजी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मनमानी और प्रशासनिक निष्क्रियता को उजागर करता है। कुछ महीने पहले गोला बाईपास रोड स्थित ‘लाइफ लाइन हॉस्पिटल’ में ग्राम जिगनहा और अगौना की एक महिला को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान कथित लापरवाही के कारण महिला की स्थिति गंभीर हो गई और अंततः लखनऊ रेफर करने के बावजूद उसकी मौत हो गई।
परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने सच छुपाने और परिजनों को गुमराह करने की कोशिश की। इस घटना के बाद अस्पताल को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, जिससे ऐसा लगा कि प्रशासन ने कार्रवाई की है। लेकिन कुछ महीनों के बाद उसी प्रबंधन ने नाम बदलकर ‘लखनऊ मेडिकल सेंटर’ शुरू कर दिया, जिससे स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों में नाराज़गी है।
Lakhimpur Kheri: गरीबों की जान जोखिम में डाली जा रही
अस्पताल का संचालन वही पुराना प्रबंधन कर रहा है, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या नाम बदलने से पिछली लापरवाहियों और कानूनी जिम्मेदारियों से मुक्ति मिल जाती है। आरोप है कि अस्पताल केवल मुनाफा कमाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है, और गरीबों की जान जोखिम में डाली जा रही है।
स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. गणेश की इस मामले में चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। जनता मांग कर रही है कि प्रशासन तुरंत इस नए अस्पताल के दस्तावेज़ और प्रबंधन की पहचान की जांच करे और पिछली घटना की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई करे।
Report By: संजय कुमार राठौर
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