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Lakhimpur Kheri: थारू जनजाति के तीन पुरुषों ने कराई नसबंदी, CMO ने दी टीम को बधाई

Lakhimpur Kheri

Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी जिले में थारू जनजाति के बीच परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। सीमित परिवार अपनाकर समाज और देश की प्रगति में योगदान देने का संदेश इस जनजाति के लोग खुद आगे बढ़कर दे रहे हैं। इसकी मिसाल मंगलवार को पलिया ब्लॉक में देखने को मिली, जहां थारू जनजाति के तीन पुरुषों ने नसबंदी करवाकर जागरूकता की नई उदाहरण पेश की।

एएनएम रामपति राणा की प्रेरणा से हुआ सफल प्रयास

सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सब-सेंटर निझोटा में एएनएम रामपति राणा की सक्रिय पहल और समझाइश से एक साथ तीन पुरुषों की नसबंदी सफलतापूर्वक कराई गई। इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने में काउंसलर विनीता, बीपीएम पंकज सहित पूरी पलिया ब्लॉक टीम का विशेष योगदान रहा। अधीक्षक डॉ. भरत सिंह के अनुसार, सीएमओ के निर्देशन में आयोजित इस विशेष अभियान में जिला पुरुष चिकित्सालय के सर्जन डॉ. सतीश वर्मा ने न केवल 3 पुरुष नसबंदी बल्कि 8 सीज़ेरियन महिला नसबंदी और 28 सामान्य महिला नसबंदी की सेवाएं भी प्रदान कीं।

Lakhimpur Kheri: परिवार नियोजन अभियान को मिला नया बल

सीएमओ डॉ. गुप्ता ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि पुरुष नसबंदी को प्रोत्साहन देने से परिवार नियोजन अभियान और मजबूत होगा। उन्होंने बताया कि NSV (No Scalpel Vasectomy) बिना चीरा और बिना टांके की पुरुष नसबंदी एक सुरक्षित, सरल और स्थायी परिवार नियोजन विधि है।

पुरुष नसबंदी के प्रमुख लाभ

पुरुष की यौन क्षमता, ताकत या हार्मोन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।, शरीर की सामान्य क्रियाओं और स्वास्थ्य में कोई परिवर्तन नहीं आता, प्रोस्टेट और प्रजनन तंत्र से जुड़े कुछ जोखिमों में भविष्य में कमी के संकेत मिलते हैं, पुरुष नसबंदी सुरक्षित, सरल और प्रभावी होने के बावजूद जागरूकता की कमी के कारण कम कराई जाती है, जबकि यह महिला नसबंदी की तुलना में अधिक आसान और जोखिमरहित मानी जाती है। पलिया ब्लॉक की यह पहल जनपद में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करती है।

Lakhimpur Kheri: जागरूकता की कमी बनी बड़ी चुनौती

डॉ. गुप्ता ने कहा कि पुरुष नसबंदी सुरक्षित और प्रभावी विधि होने के बावजूद जागरूकता की कमी के कारण इसे कम अपनाया जाता है। लेकिन पलिया ब्लॉक की यह पहल न केवल जनपद बल्कि प्रदेश के लिए भी एक सकारात्मक और प्रेरक उदाहरण है।

Report By: संजय कुमार राठौर  

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