Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी शहर के मोहल्ला जयदेव नगर में देर रात एक अप्रत्याशित घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी। वाई.डी. कॉलेज के पास रहने वाले एक परिवार के घर में दुर्लभ वन्यजीव सेही (Porcupine) घुस आया, जिसके बाद घर के लोग घबरा गए और आसपास के निवासी भी मौके पर पहुंच गए। रिहायशी इलाकों में इस तरह के वन्यजीव के पहुंचने की घटना न केवल चौंकाने वाली है बल्कि लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
अब पढ़े मामला…
ये घटना रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। गृहस्वामी विपिन सिंह ने बताया कि देर रात घर में अचानक किसी चीज के खटखटाने और खरोंचने की आवाज़ आई। पहले तो परिवार ने इसे सामान्य आवाज़ समझकर ध्यान नहीं दिया, लेकिन जैसे ही आवाज़ तेज हुई, विपिन सिंह बाहर निकले। बाहर का नज़ारा देख वे खुद भी कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए। दरवाज़े पर एक बड़ा सेही (कांटेदार वन्यजीव) अपने तेज़ काँटों के साथ दरवाज़े को धक्का देता हुआ भीतर आने की कोशिश कर रहा था। विपिन सिंह के मुताबिक, शुरुआत में समझ नहीं आया कि यह कौन सा जानवर है। जब रोशनी डाली तब साफ दिखाई दिया कि यह सेही है। इसके काँटे लंबे और नुकीले होने के कारण डर लगना स्वाभाविक था। हमने घर के बाकी सदस्यों को अंदर सुरक्षित कर दरवाज़ा बंद कर लिया।
Lakhimpur Kheri: स्थानीय लोगों ने क्या बताया?
घटना की खबर फैलते ही आसपास के तमाम लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। कुछ लोगों ने सुरक्षित दूरी से सेही को देखने की कोशिश की, वहीं कई लोगों ने तुरंत वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह का वन्यजीव आमतौर पर जंगल या घने इलाकों में पाया जाता है, लेकिन उसका इस तरह आबादी वाले स्थान तक पहुंचना कहीं न कहीं पर्यावरणीय असंतुलन की ओर इशारा करता है। सेही आमतौर पर शांत स्वभाव का जीव माना जाता है, लेकिन खतरा महसूस होने पर वह अपने नुकीले काँटों के सहारे हमला भी कर सकता है। यही कारण है कि आसपास के लोगों ने किसी भी प्रकार का जोखिम न लेते हुए वन विभाग से सहायता लेने का निर्णय लिया। मोहल्ले के निवासी राकेश कुमार ने बताया, “ऐसा जीव हमने केवल तस्वीरों में देखा था। इसे देख कर डर भी लगा और आश्चर्य भी हुआ। हमारी पहली चिंता यह थी कि कहीं किसी बच्चे या व्यक्ति को नुकसान न पहुँचे, इसलिए तुरंत वन विभाग को सूचित करना ज़रूरी था।”
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में इलाके में कुत्तों, बंदरों और कभी–कभी सांपों की मौजूदगी की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन सेही जैसे वन्यजीव का दिखना काफी असामान्य है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि शायद जंगलों के आसपास हो रहे शहरी विस्तार और पेड़ों की कटाई की वजह से वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास से भटककर शहरों की ओर बढ़ रहे हैं। इस बीच वन विभाग को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मोहल्ले के लोगों को उम्मीद है कि विभाग जल्द टीम भेजकर सेही को सुरक्षित तरीके से पकड़कर प्राकृतिक आवास में छोड़ देगा। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि ऐसी घटनाओं में लोगों का सतर्क रहना और किसी तरह का व्यक्तिगत प्रयास न करना बेहद महत्वपूर्ण है। वन्यजीव को बिना छेड़े उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे जरूरी कदम होता है।
घटना के बाद से मोहल्ले में डर और उत्सुकता दोनों का माहौल है। कई लोगों ने घरों के बाहर टॉर्च और मोबाइल की रोशनी से इलाके की छानबीन की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि और कोई वन्यजीव आसपास न हो। परिवारों ने बच्चों को विशेष रूप से घर के अंदर ही रहने की सलाह दी है। इस पूरी घटना ने पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ वन्यजीव अपने निवास स्थान से भटककर शहर की ओर आ रहे हैं, दूसरी ओर मनुष्य–वन्यजीव संघर्ष जैसे मामलों के बढ़ने की आशंका भी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से नियमित निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। फिलहाल सभी की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है, और लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही सेही को सुरक्षित रूप से जंगल में वापस पहुंचा दिया जाएगा।
Report By: संजय कुमार राठौर
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